कॉलोनाइजरों पर एफआईआर न कराना पड़ा भारी सीएमओ निलंबित
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गुना। नगर पालिका परिषद की बगैर अनुमति के पच्चीस से अधिक लोगों को संविदा पर नौकरी देना और कॉलोनाइजरों पर एफआईआर न कराना नगर पालिका के सीएमओ संजय श्रीवास्तव को भारी पड़ा। प्रभारी मंत्री इमरती देवी इनकी लगातार शिकायत मिलने पर नाराज चल रही थीं। उनके निर्देश पर कलेक्टर  व नगर पालिका के प्रशासक भास्कर लाक्षाकार ने सीएमओ संजय श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। खबर है कि संविदा पर रखे गए पच्चीस से अधिक लोगों को भी आज-कल में हटाया जा सकता है। 
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभारी सीएमओ संजय श्रीवास्तव गुना नगर पालिका में बीते सवा साल पूर्व आए थे। उनके स्थानीय होने के कारण शहर की कई व्यवस्थाओं को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा के बीच विवाद हो गया था, इस विवाद के चलते जहां एक और सफाई व्यवस्था ठप हो गई थी, वहीं दूसरी ओर विकास ठप हो गया था। इसको लेकर आए दिन पार्षदों द्वारा शिकायत की जा रही थी। वहीं दिसंबर माह में नगर पालिका परिषद की बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि संविदा पर कर्मचारी रखे जाएं, इसके लिए एक समिति बनेगी।  यह समिति छानबीन करके संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। 
 
सूत्रों ने बताया कि उक्त समिति अपने काम करती कि इससे पहले संविदा पर 25 लोगों की नियुक्तियां कर दीं। इन नियुक्तियों के एवज में प्रति एक युवक से पच्चीस से पचास हजार रुपए लेने तक के आरोपों की चर्चा शुरू  हो गई थी। इसका मामला चर्चा के रूप में शहर फैला, बाद में इसकी शिकायत पूर्व पार्षद प्रमोद घोसी ने कलेक्टर को एक पत्र भेजा था, जिसमें संविदा पर रखे गए इन कर्मियों के पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। कलेक्टर ने इस पत्र पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। 
 
सिंधिया और इमरती से भी हुई थी शिकायत
बताया जाता है कि बीते दिनों प्रभारी मंत्री इमरती देवी और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना के अल्प प्रवास पर आए थे-बैठक में इमरती के समक्ष संविदा पर रखे गए कर्मचारियों में हुई आर्थिक गड़बडिय़ों के मामला आया था। सिंधिया से भी इस आशय की शिकायत आई थीं, जिस पर इमरती ने कलेक्टर को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही कॉलोनाइजरों को लेकर कई शिकायतें हुई थीं, उनका कहना था कि कॉलोनाइजरों ने जनता को सुविधा तो दी नहीं, उन पर कार्रवाई होना थी, लेकिन उन पर एफआईआर नहीं हुई। उन कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश कलेक्टर को प्रभारी मंत्री ने दिए थे। 
 
विवादित रहे सीएमओ 
नगर पालिका के सीएमओ संजय श्रीवास्तव राजस्व निरीक्षक हैं, जबकि गुना संभाग की सबसे बड़ी नगर पालिका है, उसका प्रभारी सीएमओ बना दिया था। कुछ दिनों पूर्व नगर पालिका के सीएमओ संजय श्रीवास्तव पर बगैर टेण्डर के फिनाइल खरीदने आने के आरोप लगे थे। इसके साथ ही आजीविका मिशन से जुड़ी फाइल एवं होटल सलूजा पैलेस से जुड़ी फाइलें गायब हो गई थी, जिसका मामला कोतवाली में दर्ज कराया था। वहीं तलघर संचालकों को  पार्किंग न होने पर नोटिस तो दिए, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इस संबंध में नगर पालिका के सीएमओ संजय श्रीवास्तव बोले मिशन 1० में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का प्रतिसाद मिला है।
 
इस संबंध में गुना प्रभारी मंत्री  इमरती देवी का कहना है कि सीएमओ संजय श्रीवास्तव अकेले नहीं हैं ऐसे कई अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ  शिकायतें मिली हैं, उन पर कार्रवाई कराने के लिए कहा गया है। जानकारी मिली है कि कलेक्टर ने सीएमओ को निलंबित किया है, अभी और अधिकारियों पर भी कार्रवाई होना बाकी है, जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। 
 
Dakhal News 26 February 2020

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