Patrakar Priyanshi Chaturvedi
वन अधिकारियों को जारी हुए विस्तृत निर्देश
मध्यप्रदेश में इस वर्ष भी एक से 7 अक्टूबर, 2018 तक वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाया जायेगा। लोगों में वन और वन्य-प्राणियों के प्रति लगाव और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सप्ताह के दौरान विभिन्न आयोजन के लिये अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आलोक कुमार ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, राष्ट्रीय उद्यान के संचालक, समस्त वन मण्डलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये हैं। उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में बच्चों ने वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में बहुत रुचि और उमंग से भाग लिया। इससे बच्चों में वन और वन्य-प्राणियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी है।
वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान प्रदेश में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये वन्य-प्राणी संरक्षण पर व्याख्यान, निबंध, पेंटिंग आदि विभिन्न प्रतियोगिताएँ होंगी। प्रत्येक परिक्षेत्र में 2 से अधिक संयुक्त वन प्रबंध समितियाँ कार्यक्रम आयोजित करेंगी। कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय और सांस्कृतिक धरोहर का भी समावेश होगा। स्थानीय भजन मण्डलियों द्वारा संरक्षण संबंधी गीतों का गायन, स्थानीय कलाकारों द्वारा गाँव के भवनों की दीवारों पर वन्य-प्राणियों का चित्रण और वन्य-प्राणी पर केन्द्रित नाटिका का मंचन आदि कार्यक्रम भी होंगे।
वन अधिकारी और सेवानिवृत्त अधिकारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों में वन्य-प्राणी संरक्षण पर व्याख्यान देंगे। अखिल भारतीय बाघ गणना में मास्टर-ट्रेनर रहे कर्मचारी भी स्कूलों में व्याख्यान के दौरान बाघ गणना के दौरान अपने अनुभव साझा करेंगे। जिला-स्तर पर वन्य-प्राणी केन्द्रित पोस्टर, फोटो, पेंटिंग आदि की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के लिये भाषण, पेंटिंग, रांगोली, प्रश्न-मंच, निबंध आदि प्रतियोगिताएँ होंगी और विद्यार्थियों को वन भ्रमण भी करवाया जायेगा।
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