Patrakar Vandana Singh
टाटा व लॉकहीड के बीच करार
लड़ाकू विमान एफ-16 अब भारत में भी बनेगा। लॉकहीड मार्टिन और टाटा की कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम ने इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
भारतीय वायुसेना को सोवियत के समय की फ्लीट को बदलने के लिए सैकड़ों विमानों की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि इन विमानों को स्थानीय साझेदार के साथ मिलकर भारत में बनाना होगा।
पेरिस एयरशो में सोमवार को करार का एलान करते हुए दोनों कंपनियों ने कहा कि भारत में उत्पादन शुरू करने के बावजूद अमेरिका में नौकरियां बनी रहेंगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में रोजगार सृजन अभियान के चलते इस पहल को लेकर आशंका थी।
स्वीडन की कंपनी साब भी भारतीय वायुसेना को विमान आपूर्ति करने की दौड़ में है। कंपनी ने भारत में ग्रिपेन फाइटर बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। कंपनी ने अभी भारत में किसी साझेदार का एलान नहीं किया है।
टाटा और लॉकहीड का समझौता मोदी की अमेरिका की यात्रा से ठीक पहले हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी 26 जून को राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने करीबी रक्षा संबंध बनाए है।
भारत को हथियारों की आपूर्ति करने वाले शीर्ष तीन देशों में अमेरिका शामिल है। अन्य देश रूस और इजरायल हैं। भारत में बनने वाले एफ-16 विमान के निर्यात होने की भी उम्मीद है।
26 देशों में 3200 एफ-16 विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में एफ-16 का अब तक का सबसे आधुनिक मॉडल ब्लॉक 70 बनेगा।
टाटा ग्रुप पहले से ही सैन्य मालवाहक विमान सी-130 के लिए एयर फ्रेम कंपोनेंट बना रहा है। भारत ने अभी तक जेट के ऑर्डर की औपचारिक बोलियां नहीं मंगाई है। भारत कम से कम 100 से 250 विमान खरीद सकता है।
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