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मंदसौर में कल किसानों द्वारा किए उपद्रव और उसके बाद हुई पुलिस फायरिंग के बाद इस घटना के कारण तलाशे जा रहे हैं। भाजपा नेताओं के ही एक वर्ग का मानना है कि इस आंदोलन को हवा देने के पीछे कांग्रेस के साथ भाजपा के असंतुष्टों और स्थानीय स्तर पर नेताओं से नाराज छुटभैये नेताओं ने अहम भूमिका निभाई है।
मंदसौर समेत मालवा के कई जिलों में किसान आंदोलन पिछले छह दिनों से चल रहा है। इस आंदोलन में अपने राजनीतिक फायदे के लिए कांग्रेस मैदान में आ गई और उसने आंदोलनकारियों का साथ दिया। बताया जाता है कि भाजपा के कुछ असंतुष्ट जो लंबे समय से पार्टी में किसी न किसी कारण से उपेक्षित चल रहे हैं, ऐसे नेताओं ने भी पर्दे के पीछे से आंदोलन को हवा दी और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने का दौर जारी रखा। इसके अलावा स्थानीय लेबल पर नेताओं से संतुष्ट कुछ कार्यकर्ताओं ने भी मौके का फायदा उठाते हुए आग में घी डालने का काम किया। इन लोकल नेताओं ने आंदोलन में खुद तो भाग नहीं लिया पर अपने कार्यकर्ताओं को पीछे से आंदोलन में उतार दिया। इन कार्यकर्ताओं ने भीड़ बढ़ाने का काम किया। भाजपा भले ही अपने असंतुष्टों के इस आंदोलन में शामिल होने का खंडन करे पर उसने ऐसे कार्यकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी है आने वाले समय में इन पर गाज गिरना तय मानी जा रही है।
मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दिनभर मंत्रालय में रहेंगे। घटना में मारे गए किसानों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा के बाद सीएम चौहान कल रात भर और आज दिन में मालवा क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था और आंदोलन की स्थिति की रिपोर्ट लेते रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संयम से काम लेने और प्रदर्शनकारियों को समझाईश देने के लिए कहा है। साथ ही सरकार द्वारा किसान हित में की गई घोषणाओं और कार्रवाई से अवगत कराने के लिए भी कहा गया है। इस बीच पूरे घटनाक्रम पर मालवा खासतौर पर उज्जैन संभाग के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना भी तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कुछ अफसरों को हटाने की मंजूरी आज दे सकते हैं। पुलिस का इंटेलीजेंस फेल्योर भी इस मामले में गंभीर चूक माना जा रहा है।
किसानों पर हुई फायरिंग को लेकर हालात सामान्य होते ही मंदसौर के कलेक्टर स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक ओपी त्रिपाठी समेत जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। आंदोलन का उग्र होना और गोलीचालन की स्थिति बनने में इन अफसरों की विफलता प्रारंभिक रूप से सामने आई है। दो चार दिनों में इन अफसरों का तबादला होना तय माना जा रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि कांग्रेस लाशों पर राजनीति कर रही है। आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में प्रभात झा ने कहा कि मंदसौर में जो हुआ वह दुखद है पर इस मसले पर कांग्रेस जिस तरह की राजनीति कर रही है वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और हार्दिक पटेल के अब मंदसौर आने की बात चल रही है। इन नेताओं के अब यहां आने का क्या औचित्य है।
किसानों के अगर ये नेता हमदर्द थे तो उन्हें पहले आना चाहिए था। प्रभात झा ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों के साथ रही है और सीएम शिवराज सिंह हमेशा किसानों के साथ खड़ें रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
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