Patrakar Priyanshi Chaturvedi
इंदौर स्वच्छता के मामले में देश में पहले स्थान पर आने की खुशी में दशहरा मैदान पर सोमवार शाम को आयोजित 'प्रणाम इंदौर' कार्यक्रम के दौरान तेज आंधी और बारिश ने आयोजन स्थल को तहस-नहस कर दिया। लोहे के एंगल पर टिके पंडाल (डोम) नीचे बैठे लोगों पर गिरने से 48 लोग घायल हो गए।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान व अतिथि सहित हजारों लोग डोम में मौजूद थे। सभी वीआईपी लोगों और नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों में एक महिला पार्षद भी शामिल हैं। सात गंभीर घायलों को मैदान के सामने स्थित यूनिक हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अस्पताल में घयलों से मुलाक़ात की।
कार्यक्रम के लिए दशहरा मैदान पर तीन वाटरप्रूफ डोम बनाए गए थे। एक बड़े डोम में कार्यक्रम हो रहा था, दूसरे बड़े डोम में भोजन की व्यवस्था थी, जबकि तीसरे डोम में प्रदर्शनी लगी थी। शाम को तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई तो दोनों बड़े डोम गिर गए। घटना के वक्त कार्यक्रम शुरू ही हुआ था और महापौर मालिनी गौड़ भाषण दे रही थीं। तेज बारिश के कारण पहले डोम में कुछ जगह पानी गिरने लगा। कुछ ही देर में पूरे डोम में जगह-जगह तेज धाराएं गिरने लगीं। आंधी तेज हुई तो डोम में लगाए गए एंगल हिलने लगे और कवर उड़ने लगे। डोम की कुछ बत्तियां गुल कर दी गईं, लेकिन कार्यक्रम जारी रहा।
बारिश और आंधी का वेग तेज होने पर डोम में जगह-जगह पानी की तेज धार गिरने लगी। कार्यक्रम वाले डोम के पिछले हिस्से में अफरातफरी शुरू हुई और सबसे पहले डोम के पिछले हिस्से का एक एंगल गिरा। उसका दबाव दूसरे एंगलों पर आता गया और कुछ ही देर में पूरा डोम गिर गया। इसके साथ ही अफरातफरी मच गई और मदद के लिए चीख-पुकार मचने लगी। लाइट गुल होने से किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। कोई डोम का कपड़ा फाड़कर बाहर निकला तो कोई एंगलों के बीच कीचड़ में रेंगते हुए जान बचाकर बाहर आया। डोम के भीतर सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई जालियों के कारण लोगों को निकलने में काफी परेशानी हुई।
लोहे के भारी एंगल पर टिके डोम गिरने से कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए। एक निगमकर्मी के पैर में चार फ्रैक्चर बताए गए। कहीं पुलिसकर्मियों ने घायलों को सुरक्षित जगह पहुंचाया तो कहीं पार्षद और अन्य नेताओं ने मदद की। निगमकर्मियों ने भी बिना समय गंवाए बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों को गिरे हुए डोम से निकलने में मदद की। कई निगमकर्मी भी घायल हुए।
भगदड़ देखकर सुरक्षाकर्मी और नेता मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों को कार्यक्रम स्थल से ले जाने लगे तो चिंतित मुख्यमंत्री ने वहां से जाने से इंकार कर दिया। विधायक सुदर्शन गुप्ता और राजेश सोनकर ने उनसे जल्द वहां से हटने का आग्रह किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को ऐसी स्थिति में छोड़कर वे नहीं जाएंगे। बाद में जब सीएम को अफसरों ने बताया कि डोम खाली हो चुके हैं, उसके बाद ही वे जाने को तैयार हुए। थोड़ी देर बाद वे घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इधर, महापौर मालिनी गौड़ भी अतिथियों के रवाना होने के बाद सीधे यूनिक हॉस्पिटल गईं। वे रात तक घायलों के उपचार और अन्य प्रबंध कराती रहीं। कई विधायक भी हॉस्पिटल पहुंचे और मरीजों के हालचाल जाने।
घायलों को देखने यूनिक अस्पताल पहुँचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर में भारी बारिश और तूफान के कारण कार्यक्रम स्थल के क्षतिग्रस्त होने से घायल लोगों को देखने यूनिक अस्पताल पहुँचे। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों से बातचीत की और उन्हें बताया कि घटना स्थल पर उपस्थित सभी लोग सकुशल हैं। घायलों का पूरा इलाज मध्यप्रदेश सरकार द्वारा करवाया जायेगा। श्री सिंह ने चिकित्सकों को सभी घायलों का तुरंत समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के आज इंदौर में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर अचानक तूफान बारिश के कारण जब अफरा-तफरी मची, तब मुख्यमंत्री घटना स्थल पर ही डटे रहे और स्वयं ने वहाँ सभी लोगों को पंडाल से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुँचवाया। सबसे आखिर में मुख्यमंत्री श्री चौहान तुरंत अस्पताल पहुँचे और घायलों के उपचार की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की।
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