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नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय ने संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के ईपीएफ पर 8.65 फीसद की दर से ब्याज दिए जाने के प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इसके बाद इसे लेकर एक नोटिफिकेशन जारी होगा। ब्याज दरों में इस बढ़ोतरी का फायदा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करीब साढ़े चार करोड़ सदस्यों को मिलेगा।
केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने इसकी पुष्टि करतेहुए कहा कि, “वित्त मंत्रालय ने 8.65 फीसद की मंजूरी दे दी है। अब बातचीत का चरण आएगा। औपचारिक बातचीत खत्म हो चुकी है। इसके संबंध में तुरंत एक अधिसूचना जारी की जाएगी और करीब 4 करोड़ सब्सक्राइबर्स को यह ब्याज दर क्रेडिट कर दी जाएगी।”
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के ट्रस्टीज ने बीते वर्ष दिसंबर महीने में ईपीएफ पर 8.65 फीसद के ब्याज दर को मंजूरी दे दी थी। वित्त मंत्रायल काफी समय से श्रम मंत्रालय के साथ ईपीएफ की दरों में कटौती के लिए बातचीत कर रहा है ताकि इसकी ब्याज दर को पीपीएफ जैसी छोटी बचत योजनाओं के बराबर लाया जा सके।
अब श्रम मंत्रालय कर्मचारियों को इसी दर से बीते वित्त वर्ष के लिए ब्याज अदा कर सकता है। ईपीएफओ के अनुमान के अनुसार बीते वित्त वर्ष के लिए यह ब्याज देने के बाद उसके पास 158 करोड़ रुपये का सरप्लस बचेगा।अन्य सभी तरह की जमाओं पर ब्याज दर में कमी के बीच वित्त मंत्रालय पहले श्रम मंत्रालय को सीबीटी से अनुमोदित दर से कम ब्याज देने के लिए कह रहा था।
ब्याज दर को घटाकर 8.7 फीसद करने का फैसला किया था। इसकी काफी आलोचना हुई थी। इसके बाद सरकार ने इसे फिर 8.8 प्रतिशत कर दिया था।
वित्त मंत्रालय लगातार श्रम मंत्रालय से ईपीएफ ब्याज दरों को कम करने को कह रहा है। उसका कहना है कि ईपीएफ पर ब्याज दरों को अन्य बचत योजनाओं मसलन पीपीएफ के अनुरूप लाया जाए।
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