वर्ल्ड बैंक आधार का मुरीद हुआ
 वर्ल्ड बैंक आधार का मुरीद हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के डिजिटल प्रोग्राम 'आधार' के मुरीद अन्य देश भी हो गए हैं और इस व्यवस्था को लागू करने की योजना बना रहे हैं। 12 अंकों वाले डिजिटल पहचान 'आधार' सिस्‍टम की वर्ल्‍ड बैंक ने भी प्रशंसा की है। दरअसल, 'आधार' सिस्‍टम से एक नए इंटरनेट प्‍लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 1.1 बिलियन यूजर्स हैं, एक तिहाई भारतीय बैंक इसके जरिए ही लेनदेन का कारोबार चला रहे हैं। इतना ही नहीं माइक्रोसॉफ्ट ने इसे स्काइप में एम्बेड कर लिया है। बायोमेट्रिक आइडेंटीफायर प्रोग्राम ‘आधार’ के जरिए भारत में लोन, नौकरी की तलाश, पेंशन और मनी ट्रांसफर को प्रमाणीकृत किया जा रहा है और पिछले हफ्ते विधानसभा चुनावों में जीत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम को प्रोत्‍साहन मिल सकता है।

वर्ल्‍ड बैंक के मुख्‍य आर्थिक विशेषज्ञ पॉल रोमर का कहना है कि दूसरे देश भी इस तरह के कार्यक्रम को शुरु करने की योजना बना रहे हैं लेकिन रिसर्च से पता चला है कि बेहतर यह है कि एक मानक व्‍यवस्‍था विकसित की जाए ताकि लोग अपना आइडी दुनिया के किसी भी कोने में ले जा सकें। रोमर ने कहा, फिनांशल ट्रांजैक्‍शन जैसी सभी चीजों के लिए यह ‘आधार’ है। यदि यह पूरी दुनिया में लागू हो जाता है तो बेहतर हो जाएगा। दुनिया में स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा जहां 1.5 बिलियन लोग खुद की पहचान नहीं साबित कर सकते हैं, ऐसे सेवाओं का लाभ लेने के लिए ‘आइडेंटिफिकेशन यानि पहचान’ पहला कदम होगा। इंफोसिस के सह-संस्‍थापक व आधार बनाने वाले आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन नंदन निलेकणि ने बताया, अन्‍य सरकार भी इस कार्यक्रम में रुचि रखते हैं। तंजानिया, अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश जैसे देश इस सिस्‍टम के बारे में विचार करने के लिए भारत आए। टेलीकॉम रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन आर एस शर्मा ने बताया, रूस, मोरक्‍को, अल्‍जीरिया और ट्यूनिशिया ने भी आधार के प्रति अपनी रुचि का संकेत दिया।

 

Dakhal News 17 March 2017

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2025 Dakhal News.