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बन रहा है एक और डीप डिप्रेशन प्वाइंट
अमिताभ उपाध्याय
मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश के कारण 15 लोगों की मौत हो गई हैं। इसमें सागर जिले में 7 , कटनी में 2 , छतरपुर में 3 और सांची में तीन लोगों की मृत्यु हुई है । मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है ।रीवा जिले के 35, सतना के 62 गांव बाढ़ से प्रभावित। सतना जिले में 4215 लोगों को और रीवा जिले से 1550 लोगों को अब तक रेस्क़यू कर के निकाला गया है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद इन हालातों का जायजा ले रहे हैं।
मध्य प्रदेश के कई इलाकों में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित होने वाले हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 17 अगस्त को बंगाल की खाड़ी पर बना डीप डिप्रेशन अब मध्य भारत की ओर है। 20 अगस्त को मध्य प्रदेश इस डीप डिप्रेशन की चपेट में रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इन दो दिनों में मध्य प्रदेश में तूफानी बारिश होने की आशंका है। इतना ही नहीं, 22 अगस्त से एक और डीप डिप्रेशन प्वाइंट बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हो जाएगा, जिसके बाद मध्य प्रदेश एक बार फिर से भारी बारिश की चपेट में होगा।
मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान बारिश का तीव्रतम प्रकोप देखने को मिल सकता है। मॉनसूनी हवाओं के कारण प्रदेश के पूर्वी इलाकों में 50 किमी प्रतिघंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मूसलाधार बारिश तूफान का रूप अख्तियार कर सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक पूरा प्रदेश इसकी चपेट में आने की संभावना है। लेकिन शुरूआती तौर पर इसका असर पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां पहले ही बारिश बीते एक हफ्ते से अपना कहर बरपा रही है। इस स्थिति में इन इलाकों में हालात और बिगड़ने की आशंका है।
प्रदेश में रेड अलर्ट जारी : सतना और रीवा सम्भागों में मूसलाधार बारिश के बाद अब डीप डिप्रेशन प्वाइंट के आगामी असर को देखते हुए प्रदेश में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। 19 अगस्त से शुरू होने वाले इस रेड अलर्ट को आने वाले दिनों तक जारी रखने का फैसला किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि आने वाला एक हफ्ता प्रदेश के लिए मूसलाधार बारिश वाला साबित हो सकता है, लिहाजा प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रेड अलर्ट जारी करने का मतलब है कि प्रदेश में कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इस बारिश का दायरा काफी बड़ा होगा, जो जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
सतना-रीवा में हालात बदतरमध्य प्रदेश के पूर्वी इलाकों में भारी बारिश के कारण बने हालातों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रीवा शहर को बाढ़ के खतरे के कारण खाली कराया जा रहा है। कई इलाकों में पानी भरने के बाद लोग पहले ही पलायन कर चुके हैं। बाकी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रीवा, सतना और पन्ना में बीते हफ्ते भर से मूसलाधार बारिश जारी है। ज्यादातर सम्पर्क मार्ग कट चुके हैं, दर्जनों घर धराशायी हो चुके हैं और लाखों लोग जलभराव के बाद बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग के चेतावनी के बाद रीवा और सतना जिलों में हालात और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
कटनी में भी जनजीवन प्रभावितमूसलाधार बारिश की चपेट में आने के बाद कटनी में भी हालात खतरनाक हो गए हैं। इलाके की कई नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। तेज बारिश के कारण कई जगहों से घरों के गिरने की खबर है, तो वहीं घरों में पानी घुसने के बाद लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। कटनी में हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं बारिश से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बंगाल की खाड़ी में बना है डीप डिप्रेशन प्वाइंटमौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से उठा डीप डिप्रेशन इस वक्त झारखंड के ऊपर बना हुआ है। जिसके कारण मॉनसूनी हवाओं का बहाव छत्तीसगढ़ से लेकर पूरे मध्य प्रदेश में बना हुआ है। प्रदेश में कई जगह मूसलाधार बारिश हो रही है। सतना और रीवा जिले पहले ही बाढ़ की मार झेल रहे हैं। अनुमान है कि एक से दो दिन इन इलाकों के अलावा प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पूर्व से पश्चिम तक एक साथ भीगेगा प्रदेशमौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश के पूर्वी इलाकों में बारिश की स्थिति बद से बदतर हो सकती है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मूसलाधार बारिश हो सकती है। हालांकि सतना और रीवा सम्भाग पहले ही बाढ़ की मार झेल रहा है। इन इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही बैठता है तो सतना रीवा में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पूर्वी इलाकों में मॉनसून की अति सक्रियता के बाद इसके पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। माना जा रहा है 20 अगस्त को भारी से अति भारी बारिश का ये दौर मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ जाएगा। 72 घंटे तक रहेगा प्रभावमौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक कम दबाव के इस क्षेत्र का प्रभाव प्रदेश में 72 घंटे तक रहने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के साथ साथ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का सिलसिला अगले दो से तीन दिनों तक जारी रहेगा।
बन रहा है एक और डीप डिप्रेशन प्वाइंट : मध्य प्रदेश के लिए सिर्फ दो दिन ही भयंकर नहीं हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 20 अगस्त को जब मॉनसून प्रदेश में अपनी अतिसक्रियता दिखा रहा होगा, उसी वक्त बंगाल की खाड़ी में एक और डीप डिप्रेशन प्वाइंट बनेगा। जिसकी सक्रियता 22 अगस्त से प्रदेश में नजर आएगी। यानि आने वाला पूरा एक सप्ताह मध्य प्रदेश में भारी बारिश वाला साबित होगा। बंगाल की खाड़ी से मिले मौसम के आंकड़ों के मुताबिक कम दबाव के दूसरा क्षेत्र 20 अगस्त को एक्टिव हो जाएगा। जिसके बाद 22 और 23 अगस्त को उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड होते हुए मध्य प्रदेश में मूसलादार बारिश करवाएगा
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