Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नव गठित होने वाले सभी सातों मिशन के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने एक सप्ताह में इन मिशनों के गठन की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने, उनके लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने का रोड मेप बनाने के निर्देश दिये हैं।
श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास में युवा सशक्तिकरण मिशन, स्वास्थ्य मिशन, आवास मिशन, कृषि वानिकी मिशन, सूक्ष्म सिंचाई मिशन, नर्मदा सेवा मिशन एवं कैशलेस मिशन के स्वरूप पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन मिशनों का स्वरूप तय कर आवश्यक बजट का प्रावधान किया जाये। उन्होंने कहा कि ये मिशन गठित करने का उद्देश्य विकास एवं जन कल्याण के कार्यों को अभियान के रूप में लेना है। इससे ये कार्य निश्चित समय सीमा में पूरे हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नर्मदा सेवा मिशन के स्वरूप पर चर्चा करते हुये कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा से लोगों की मानसिकता बदलने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इसे उन्होंने नर्मदा जयंती के अवसर पर प्रत्यक्ष रूप से देखा जहां कि लोगों ने फूल पत्ती एवं पूजन सामग्री नर्मदा नदी में प्रवाहित नहीं की और प्लास्टिकका उपयोग भी नहीं किया। यह अद्भुत कार्य हुआ है। उन्होंने यात्रा के उद्देश्यों की प्राप्ति का रोड मेप 11 मई के पहले तैयार करने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि ओंकारेश्वर के ओंकार पहाड़ एवं अमरकंटक पहाड़ पर जुलाई माह में एक ही दिन में वृक्षारोपण करने की तैयारी की जाये। जिन गांवों से यात्रा निकल चुकी है वहां की नर्मदा सेवा समितियों की बैठक ली जाये ओर उन्हें लक्ष्य दिये जाये।
सूक्ष्म सिंचाई मिशन पर चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह मिशन खेती-किसानी के परिदृश्य को बदलेगा। इससे किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। इस मौके पर बताया गया कि युवा सशक्तिकरण मिशन का उद्देश्य स्वरोजगार एवं रोजगार के माध्यम से युवाओं का आर्थिक सशक्तिकरण करना है। स्वास्थ्य मिशन का उद्देय मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा कुपोषण नियंत्रण के ठोस उपाय करना है। कृषि वानिकी मिशन के अंतर्गत किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किये जायेंगे।
प्राथमिकता के कार्यों को शीघ्र मूर्त रूप दे
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को शासन के प्राथमिकता के कार्यों को निश्चित समय सीमा में मूर्तरूप देने के निर्देश दिये। इनमें मेधावी छात्र योजना, आवासहीनों को भूखण्ड प्रदाय, सभी गावों को वर्ष 2018 के अंत तक बारमासी सड़कों को जोड़ना, स्वरोजगार और प्लेसमेंट पोर्टल बनाना, दीनदयाल रशोई शुरू करना, महिला स्वसहायता समूहों का सशक्तिकरण करना एवं नागरिक सेवाओं को मोबाइल एप से जोड़ना आदि शामिल है।
सोलर बिजली की सस्ती दर आने पर बधाई
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रीवा में स्थापित हो रही दुनिया की सबसे बड़ी अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना की सोलर बिजली दर देश में सबसे कम तय होने पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने सोलर बिजली की दर 2 रूपये 97 पैसे प्रति यूनिट आने पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह ने सोलर बिजली दरें निर्धारित करने की टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी।
बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीणा, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खाण्डेकर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री राधेश्याम जुलानिया, नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य तथा प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, सिंचाई, उद्योग आदि उपस्थित थे।
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