चंबल अंचल में स्थापित होगी राष्ट्रीय महत्व की रक्षा परियोजना
narendr singh tomar

बनेगा सैनिक स्कूल ,केन्द्रीय मंत्री तोमर की कोशिस रंग लाई 

अमिताभ उपाध्याय 

मध्यप्रदेश मंत्री परिषद ने  भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा मुरैना जिले के कैलारस एवं सबलगढ़ तहसील के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व की रक्षा परियोजना स्थापित करने के लिए एक लाख रुपये भू-भाटक पर 334.584 हैक्टेयर राजस्व भूमि आवंटित करने की मंजूरी प्रदान कर दी। केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर के विशेष प्रयासों से यह परियोजना मंजूर हुई है। इस परियोजना पर लगभग 1500 करोड़ रूपए का व्यय प्रस्तावित है। 

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की सहमति से केन्द्रीय मंत्री तोमर ने इस परियोजना की स्वीकृति के लिये महती प्रयास किए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित परियोजना को चंबल अंचल में स्थापित कराने के लिये श्री तोमर ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री से सतत संपर्क बनाए रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा कर इस परियोजना के लिये जमीन मुहैया कराने के लिये शिद्दत के साथ प्रयास किए। भोपाल यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान और केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने इस परियोजना के बारे में प्रधानमंत्री को भी जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री ने चंबल क्षेत्र में इस परियोजना की स्थापना की सराहना की है। 

मुरैना जिले के अंतर्गत भौगोलिक सुरक्षा, रणनीतिक एवं तकनीकी दृष्टि से माकूल कुल 969.735 हैक्टेयर जमीन रक्षा परियोजना के लिये चयनित की गई है.

बैठक में 334.584 हैक्टेयर राजस्व भूमि नि:शुल्क सौंपने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 34.745 हैक्टेयर निजी भूमि का भी अधिग्रहण कर लिया गया है। शेष 600.406 हैक्टेयर वन भूमि है। मुरैना जिला प्रशासन द्वारा इसके समतुल्य शासकीय राजस्व भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही वन भूमि के व्यपवर्तन का प्रस्ताव राज्य सरकार की सहमति से केन्द्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेजा जा चुका है। वहाँ वर्तमान में उक्त सहमति की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। 

केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रयासों से मात्र पाँच माह के भीतर इतने बडे भू भाग का अधिग्रहण पूर्ण होने जा रहा है। चंबल क्षेत्र में इस रक्षा परियोजना की स्थापना से विकास के नये द्वार खुलेंगे। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस रक्षा परियोजना की लागत लगभग 1500 करोड़ रूपए अनुमानित है। इसके लिये डीआरडीओ द्वारा वर्तमान में कुल 1200 करोड़ रूपए के वित्तीय प्रावधान का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया है। इस रक्षा परियोजना की स्थापना में केन्द्र सरकार के निवेश से स्थानीय अधोसंरचना का विकास एवं उन्नयन होगा। जिससे स्थानीय जनता भी लाभान्वित होगी। रक्षा परियोजना के लिये वन भूमि, व्यपवर्तन प्रस्ताव में उल्लेख अनुसार इसका निर्माण मुख्यत: रक्षा विशेषज्ञों एवं डीआरडीओ के अधिकारियों द्वारा विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार कराया जायेगा। 

यह होगा फायदा

इस परियोजना के निर्माण से अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय लोगों को 15 लाख मानव दिवस के बराबर रोजगार मिलना संभावित है। इस रक्षा परियोजना की स्थापना लागत में से लगभग 500 करोड़ रूपए का अप्रत्यक्ष निवेश स्थानीय अधोसंरचना विकास में व्यय होने का अनुमान है। राज्य मार्ग क्रं.02 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं.03 तक पहुँच मार्गों का निर्माण एवं उन्नयन और नहर के किनारे मार्ग एवं पुल बनाये जायेंगे। इससे अंतर्राज्यीय आवागमन सुगम होगा। जल प्रबंधन के लिये क्वारी नदी पर स्टॉप डेम बनेंगे। इससे लोगों को सिंचाई एवं निस्तार के लिये पानी उपलब्ध होगा। इसी तरह इस अंचल में विद्युत लाईनों का जाल भी बिछेगा। वन घनत्व में बढ़ोत्तरी इस परियोजना का महत्वपूर्ण पहलू है। परियोजना स्थल के बफर जोन में वृहद स्तर पर पौधरोपण इस परियोजना का अभिन्न अंग है। 

केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश मंत्री परिषद के इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि यह ग्वालियर एवं चंबल संभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है.इस निर्णय से क्षेत्र में बड़े सैनिक स्कूल की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है. उन्होंने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की सराहना करते हुए उनका आभार माना है। 

Dakhal News 2 February 2017

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