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डिजिटल इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा सपना है और इसे साकार करने में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कोई कसर नहीं छोड़ी। आम बजट में कैशलेस या लेसकैश को बढ़ावा देने के कई बड़े ऐलान किए गए। उन्होंने कहा, इस समय भारत बड़ी डिजिटल क्रांति के शीर्ष पर है। डिजिटल भुगतान शुरू होने से आम आदमी को बहुत लाभ हुआ है।
3 लाख रुपए से अधिक कैश लेन देन नहीं। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि लोग चेक से या ऑनलाइन लेन-देन करेंगे। भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
सरकार भीम ऐप के उपयोग को बढा़वा देने के लिए दो नई योजनाएं लाएंगी। पहली - आमजन के लिए रेफरल बोनस स्कीम और दूसरी - व्यापारियों के लिए कैशबैक स्कीम। अब तक 125 लाख लोगों ने भीम ऐप को अपना लिया है।
सरकार ने आधार समर्थित भुगतान प्रणाली शुरू किए जाने की घोषणा की है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जिनके पास डेबिट कार्ड, मोबाइल वैलेट और मोबाइल फोन नही हैं। बैंकों ने मार्च, 2017 तक अतिरिक्त 10 लाख नए पीओएस टर्मिनल शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
वित्तीय समावेशन और जनधन, आधार, मोबाइल (जेएएम) त्रिसूत्र को बढ़ावा देने के सरकार के पहले के प्रयास वर्तमान में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण थे।
बजट में एम-पीओएस के लिए मिनिएचर पीओएस कार्ड रीडर, माइक्रो एटीएम स्टेंडर्ड वर्जन 1.5.1, फिंगर प्रिंट रीडर/स्केनर और आइरिस स्केनर पर बीसीडी, उत्पाद शुल्क/सीवी शुल्क/एसएडी से छूट का प्रस्ताव किया है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक में भुगतान विनियामक बोर्ड का गठन करने का प्रस्ताव किया है।
डिजिटल भुगतान से जुड़ी शिकायतों के निवारण तंत्रों को सुदृढ़ करने के लिए डाकघरों, उचित मूल्य की दुकानों और बैकिंग कोरस्पोंडेंट के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।भीम ऐप सहित पेट्रोल पम्पों, उर्वरक डिपो, नगर पालिकाओं, ब्लॉक कार्यालयों, सड़क परिवहन कार्यालयों, विश्व विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों में डिजिटल भुगतान की सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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