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भोपाल मास्टर प्लान 2031 में हाईराईज इमारतों का क्या क्राइटएरिया रहेगा, इस पर फाइनल प्लानिंग हो रही है। इस समय राजधानी में 33 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर ब्रेक लगा हुआ है जबकि स्मार्ट सिटी के बनने के बाद यह बढ़ सकती है। ऐसी हालत में आने वाले सालों में भोपाल में किन किन जगहों पर हाईराईज इमारतों को प्रमोट करना होगा और कहां पर इसको रोकना होगा इस पर भी विचार हो रहा है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लेक कंजरवेशन प्रोग्राम के चलते झीलों के आसपास इनको रोकना होगा, क्योंकि इससे उनका नैसर्गिक स्वरूप आगे चल कर नष्ट हो सकता है।
स्मार्ट सिटी के लिए जिस जगह को चिह्नित किया गया है, वह शहर का हॉट एरिया माना जाता है। यहां पर बनने वाली तीन मंजिल यानी 11 मीटर से ऊंची हर आवासीय बिल्डिंग पर भी हाईराइज यानी 30 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली बिल्डिंग के प्रावधान लागू होंगे। 11 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में भूकंप और अन्य आपदारोधी उपाय सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि बिल्डिंग की ड्राइंग आर्किटेक्ट और स्ट्रक्चर इंजीनियर मिलकर बनाएंगे। आवासीय और कमर्शियल इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए प्रावधान अमल में लाए जाएंगे। इनको अगर भूकंप विरोधी बनाया जाता है तो इसकी लागत बढ़ जाएगी। उसकी लिए भी स्मार्ट सिटी में अलग से प्रावधान करना होगा, क्योंकि सभी इमारतों को इस तरह से नहीं बनाया जा सकता है। स्मार्ट सिटी सेल से जुड़े चंद्रमौलि शुक्ला का कहना है कि स्मार्ट सिटी के एक्शन प्लान की तैयारी की जा रही है। उसमें सभी काम नियमानुसार ही होंगे। इसके लिए एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
राजधानी में बनने वाली स्मार्ट सिटी में इमारतों की हाइट कितनी रखी जाएगी यह बात अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसकी प्लानिंग में पहले यह बात रखी गयी थी कि कम से कम स्पेस में ज्यादा से ज्यादा जगह निकालने के लिए हाईराईज बिल्डिंग का पैटर्न अपनाया जा सकता है। ताकि ग्रीनरी के लिए अधिक जगह निकल जाए। गौरतलब है कि भोपाल मास्टर प्लान 2005 में हाईराइज बिल्डिंग को 30 मीटर से अधिक न रखने पर जोर दिया गया था, जबकि स्मार्ट सिटी में बनने वाली इमारतों की जगह बचाने के लिए हाईराइज बिल्डिंग को बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
भोपाल मास्टर प्लान 2031 में हाईराइज बिल्डिंगों के स्पेस होने से शहर में बिल्डिंग एरिया बचेगा और वहां पर हरियाली को बढ़ाया जा सकेगा, लेकिन यह सिटी की जनसंख्या के अनुपात से ही प्लॉन करना होगा ।
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