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नायडू बोले कुछ लोग नहीं चाहते थे कि शिवराज सीएम बने
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा है कि देश में शहरी विकास का सांस्कृतिक पुनरुत्थान शुरू हो गया है। मेकिंग ऑफ डेवलप्ड इंडिया अभियान में भागीदार बनें। भोपाल और इन्दौर मेट्रो ट्रेन के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी। नायडू ने सोमवार को यह बातें प्रशासन अकादमी में शहरी विकास विषय पर आयोजित कार्यशाला में कही।
सीएम शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए मंत्री नायडू ने कहा कि मप्र के सीएम ने एक बीमारू राज्य को विकासशील प्रदेश बनाया है। मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर कल्पना से परे है। शिवराज वेट में लाइट और काम में टाइट है। इसीलिए वे मुझे पसंद है। हालांकि, कुछ लोग नहीं चाहते थे कि शिवराज सीएम बने। लेकिन, अच्छा काम करने वालों की हर कहीं जरूरत होती है।
नायडू भोपाल में अर्बन डेव्हलपमेंट पर प्रशासन एकेडमी में आयोजित वर्कशाप कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शहरी विकास पर अपने राय रखी। उन्होंने कहा मैं शिवराज को बहुत पसंद करता हूं क्योंकि वो अच्छा काम करते हैं।
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में बदलाव के लिए रिफॉर्म, परफार्म और ट्रांसफार्म का मंत्र दिया है। इस पर तेजी से अमल करना होगा। शहरों में आबादी लगातार बढ़ रही है। नगरीय निकायों को आने वाले दस साल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए योजना बनानी होगी।
स्मार्ट सिटी में नागरिकों की सोच भी स्मार्ट होनी चाहिए। विकास के लिए शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा प्रदेश के हित में हैं। नगरीय निकायों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना होगा। स्वच्छ भारत के लिए तन-मन-धन से पूरा प्रयास करें और इसे जन आंदोलन बनाए।
नायडू ने कहा कि मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में अदभुत काम हुआ है। प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले चार साल से बीस प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश की विकास दर लगातार सात साल से दस प्रतिशत से अधिक है। मध्य प्रदेश विकास के आदर्श राज्य के रूप में उभरा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आगामी 25 दिसम्बर से 25 जनवरी तक नगरोदय अभियान चलाया जायेगा। इसमें शहरी विकास से जुड़ी सभी परियोजनाएँ मिशन मोड में पूरी की जायेगी। अभियान के तहत आम जनता को जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2017 तक प्रदेश के सभी शहरों को खुले में शौच से मुक्त किया जायेगा। प्रदेश में कानून बनाकर प्रत्येक परिवार को भूखंड दिया जायेगा। प्रधानमंत्री के 'सबके लिये आवास मिशन' को मध्यप्रदेश साकार करेगा। शहरों में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिये पूरी क्षमता से जुटें। प्रदेश के शहरों का स्वरूप बदलने के लिये मिशन के रूप में काम करे। प्रदेश में स्मार्ट सिटी के लिये 20 हजार 500 करोड़ और अमृत योजना में 8 हजार 500 करोड़ व्यय किये जायेंगे। मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के प्रथम चरण में 14 सौ करोड़ खर्च किये गये है तथा द्वितीय चरण में 500 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे।
इसी तरह मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के प्रथम चरण में 5 सौ करोड़ खर्च किये गये हैं तथा द्वितीय चरण में 18 सौ करोड़ खर्च किये जायेंगे। प्रदेश नगरीय विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
इस दौरान समीक्षा बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान, नगरीय विकास मंत्री माया सिंह और संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यशाला में सभी नगर निगमों के महापौर, निगमायुक्त, नगरपालिका अध्यक्ष और सीएमओ भी मौजूद रहे। औपचारिक उद्घाटन सत्र के बाद नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने योजनाओं की स्थिति पर प्रेजेंटेशन दिया।
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