इंदौर में जलसंकट की आशंका, महापौर ने मांगा 50 करोड़ का पैकेज
  Fear of water crisis in Indore; Mayor seeks a ₹50 crore package

 

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इस बार कम बारिश के कारण जलसंकट की आशंका बढ़ गई है। शहर में सामान्य तौर पर करीब 37 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक लगभग 23 इंच पानी ही बरसा है। स्थिति को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल प्रबंधन के लिए 50 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नगर निगम तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जलसंकट से निपटने के उपायों पर चर्चा की। बैठक में लोगों से पानी की बचत करने की अपील की गई। साथ ही, पानी की बर्बादी करने वालों पर चालान की कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर निजी बोरवेल को प्रशासन के अधीन लेने की संभावना पर भी चर्चा हुई।

करीब 40 लाख की आबादी वाले इंदौर में घरेलू जरूरतों के लिए रोजाना लगभग 620 एमएलडी पानी चाहिए, जबकि औद्योगिक, व्यावसायिक और अन्य जरूरतों को मिलाकर मांग 750 से 800 एमएलडी तक पहुंच जाती है। शहर की बड़ी आबादी नर्मदा जलापूर्ति पर निर्भर है, जिससे रोज करीब 440 एमएलडी पानी मिलता है। वहीं, लीकेज और अन्य कारणों से लगभग 22 प्रतिशत पानी बर्बाद होने का अनुमान है। शहर में एक लाख से अधिक निजी बोरवेल और नगर निगम के करीब 6,500 बोरवेल व हाइड्रेंट हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को क्रिटिकल जोन में रखा गया है और भूजल दोहन का स्तर करीब 90 प्रतिशत बताया गया है। ऐसे में भूजल का लगातार इस्तेमाल और सप्लाई नेटवर्क में पानी की बर्बादी चिंता बढ़ा रही है।

जलसंकट की आशंकाओं के बीच गुरुवार सुबह बंगाली चौराहे से बायपास के बीच डीमार्ट के पास नर्मदा की पाइपलाइन फूट गई। इससे पानी का तेज फव्वारा निकला, सड़क पर जाम लगा और पानी भरने के कारण अंडरपास बंद करना पड़ा। इससे पहले पिछली गर्मियों में भी शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत हुई थी और आपूर्ति के लिए करीब 700 टैंकर लगाने पड़े थे। इस बार कम बारिश, तालाबों में कम जलभराव, भूजल पर बढ़ती निर्भरता और पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याएं चुनौती बन सकती हैं। प्रशासन और नगर निगम के सामने अब पानी की उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ उसकी बर्बादी रोकने और जरूरतमंद इलाकों तक नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

 

Dakhal News 15 October 2026

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