Patrakar Priyanshi Chaturvedi
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थन मिल गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि लोकतंत्र में टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान होना चाहिए। अन्ना हजारे ने अपील की कि छात्रों की आवाज को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा न मानकर उनकी वास्तविक चिंताओं के रूप में देखा जाए। उनके सहयोगियों के अनुसार, वह गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित गांधी स्मारक में मौन आंदोलन कर छात्रों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करेंगे।
अपने पत्र में अन्ना हजारे ने कहा कि यदि किसी मामले में जवाबदेही तय करते हुए किसी मंत्री का इस्तीफा लिया जाता है, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होती, बल्कि शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनती है। उन्होंने पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी को युवाओं के असंतोष का प्रमुख कारण बताते हुए इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की आवश्यकता जताई। अन्ना हजारे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज किए हुए हैं।
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