एक बार ही प्रधानमंत्री बनने की मांग पर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
High Court , Centre , limit the Prime Minister

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने एक व्यक्ति को केवल एक बार प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बनाए जाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। आलीराजपुर निवासी 70 वर्षीय अधिवक्ता डॉ. शंकरलाल वागवान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कानून मंत्रालय, चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय से 3 अगस्त तक जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि समानता के अधिकार के तहत सभी नागरिकों को शीर्ष संवैधानिक पदों पर पहुंचने का समान अवसर मिलना चाहिए।

याचिका में 'वन नेशन, वन पोस्ट' व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई है। इससे पहले इसी विषय पर दायर याचिका तकनीकी खामियों के कारण खारिज हो गई थी, जिसे दोबारा बहाल कराने के लिए यह नई याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए केंद्र से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

वर्तमान में भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं है। लोकसभा में बहुमत का समर्थन मिलने पर कोई भी व्यक्ति कई बार प्रधानमंत्री बन सकता है। ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे संसदीय लोकतंत्र वाले देशों में भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की ऐसी कोई संवैधानिक सीमा नहीं है। यदि भारत में इस तरह का प्रावधान लागू करना हो, तो इसके लिए व्यापक संवैधानिक संशोधन और संसदीय प्रक्रिया आवश्यक होगी।

 
Priyanshi Chaturvedi 30 June 2026

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