Patrakar Priyanshi Chaturvedi
ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। लेफ्टिनेंट जनरल Rajiv Ghai ने कहा कि यह ऑपरेशन किसी अंत का संकेत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने अपने सभी निर्धारित लक्ष्य हासिल किए और दुश्मन को करारा जवाब दिया, लेकिन आतंक के खिलाफ संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में खुफिया एजेंसियों की सटीक जानकारी, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं तथा स्वदेशी रक्षा प्रणालियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रह्मोस, आकाश जैसी मिसाइल प्रणालियों और आधुनिक सेंसर व हथियारों के उपयोग ने ऑपरेशन को सफल बनाया और दुश्मन की कमान व नियंत्रण व्यवस्था को बाधित किया।
सेना ने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन ने भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को मजबूती से प्रदर्शित किया है, जहां 65 प्रतिशत से अधिक उपकरण स्वदेशी रूप से निर्मित हैं। अधिकारियों के अनुसार, सीमित लेकिन प्रभावी कार्रवाई के जरिए दुश्मन पर दबाव बनाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया, जिससे लंबे संघर्ष से बचते हुए रणनीतिक उद्देश्य पूरे किए गए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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