लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर तीखी बहस, मुस्लिम महिलाओं के मुद्दे पर आमने-सामने
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संसद के विशेष सत्र के पहले दिन केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े कई अहम विधेयक लोकसभा में पेश किए, जिनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक शामिल हैं। इन बिलों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने विरोध जताया। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण की समर्थक है, लेकिन इन विधेयकों के स्वरूप और समय को लेकर आपत्ति है।

बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण में शामिल करने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि क्या वे “आधी आबादी” का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने सरकार पर बिल को जल्दबाजी में लाने का आरोप लगाया और पूछा कि जनगणना से पहले इसे क्यों पेश किया जा रहा है। अखिलेश ने यह भी संकेत दिया कि आरक्षण में सभी वर्गों की महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

अखिलेश यादव के बयान पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो अपनी सीटों का बंटवारा कर सकते हैं। शाह ने यह भी बताया कि देश में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार ने जाति जनगणना कराने का भी निर्णय लिया है। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।

Priyanshi Chaturvedi 16 April 2026

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