Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश में महू तहसील के बडगोंदा थाना क्षेत्र की पुलिस ने गंभीर आपराधिक मामला दर्ज करने में लापरवाही दिखाई। 23 फरवरी को एक नाबालिग को गांव के पवन सिंह ने उठाकर ले गया, लेकिन पुलिस ने शिकायत में आरोपी का नाम ही नहीं लिया और अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर दिया। पीड़ित परिवार लगातार शिकायत करता रहा, लेकिन पुलिस किसी कार्रवाई से बचती रही। मजबूर होकर पिता ने अभिभाषकों के जरिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।
इंदौर हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अवकाश के दिन भी सुनवाई की। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की पीठ ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि नाबालिग को 6 अप्रैल को हर हाल में कोर्ट में पेश किया जाए। अदालत ने विशेष खंडपीठ बनाकर तुरंत संज्ञान लिया और अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी की मौजूदगी में सुनवाई की।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुलिस तुरंत कार्रवाई में आई। पीड़िता के घर जाकर जानकारी ली गई और वरिष्ठ अधिकारी मामले में सक्रिय हो गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब नाबालिग को पेश किया जाए और आगे की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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