Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत आयुष्मान योजना से जुड़े 126 निजी अस्पतालों की मान्यता रद्द कर दी गई है। प्रदेश के कुल 398 अस्पतालों में से बड़ी संख्या अब मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं दे पाएगी। यह कार्रवाई भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में की गई है, जहां सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम इलाज की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाया गया है और अब केवल NABH प्रमाणित अस्पताल ही योजना के तहत सेवाएं दे सकेंगे। जिन अस्पतालों के पास एंट्री लेवल सर्टिफिकेट है, उन्हें दो साल में अपग्रेड करने का समय दिया गया है, जबकि बिना किसी प्रमाणन वाले अस्पतालों को तुरंत बाहर कर दिया गया है।
हालांकि, इस फैसले से गरीब और जरूरतमंद मरीजों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। छोटे और मध्यम अस्पतालों के बाहर होने से मरीजों को बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा, जिससे भीड़ और इलाज में देरी की समस्या बढ़ सकती है। अस्पताल संचालकों ने भी सवाल उठाया है कि यदि मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलेगा, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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