Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब दसवें दिन में पहुंच चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना सामरिक स्तर पर भले ही सफल दिखाई दे रही हो, लेकिन इस युद्ध का स्पष्ट रणनीतिक उद्देश्य अब भी सामने नहीं आया है। उनके मुताबिक बिना साफ लक्ष्य के कोई भी युद्ध भटक सकता है और इससे बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।
सीएनएन के कार्यक्रम ‘फरेद जकारिया जीपीएस’ में बातचीत के दौरान सुलिवन ने कहा कि अमेरिकी सेना बेहद कुशल और पेशेवर है, लेकिन युद्ध की दिशा को लेकर स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने बताया कि अब तक इस संघर्ष में सात अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। उनका आरोप है कि प्रशासन युद्ध को लेकर अलग-अलग कारण बता रहा है, लेकिन कोई ठोस और स्थिर रणनीति सामने नहीं रखी गई है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
सुलिवन ने चेतावनी दी कि इस युद्ध के दूरगामी भू-राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। उनका कहना है कि इससे रूस को फायदा मिल सकता है और वह ईरान की मदद भी कर सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर यूक्रेन को मिलने वाले अमेरिकी समर्थन पर भी पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि चीन इस स्थिति को देखकर ताइवान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को लेकर अधिक आक्रामक सोच विकसित कर सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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