Patrakar Priyanshi Chaturvedi
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने संसद में कभी भी पार्टी की लाइन का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी एकमात्र सार्वजनिक असहमति ऑपरेशन सिंदूर को लेकर थी, और यह सैद्धांतिक रुख है जिस पर वह आज भी कायम हैं। थरूर केरल लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित सत्र के दौरान सवालों का जवाब दे रहे थे और उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में उनका रुख बिना किसी पछतावे के स्थिर है।
थरूर का बयान ऐसे समय आया है जब उनकी कांग्रेस नेतृत्व के साथ मतभेद की अटकलें तेज हो रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कोच्चि के हालिया कार्यक्रम में उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं मिला और राज्य स्तर के नेताओं ने कई बार उन्हें किनारे करने की कोशिश की। थरूर ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि उनके किसी भी रुख से पार्टी की अखंडता या नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा में कोई कमी नहीं आई है।
अपने रुख को स्पष्ट करते हुए थरूर ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद उन्होंने एक अखबार में लेख लिखा था। इसमें उन्होंने कहा कि इस मामले को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाना चाहिए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। थरूर ने कहा कि एक लेखक और पर्यवेक्षक के रूप में उनका यह दृष्टिकोण सैद्धांतिक है और इसे लेकर वे अब भी कायम हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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