1984 सिख दंगा केस में सज्जन कुमार बरी, पीड़ित पक्ष ने कहा—‘गवाही की कमी का फायदा मिला’
Delhi., Sajjan Kumar acquitted 1984 Sikh riots case; victim side claims benefited lack testimony

दिल्ली की राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने गुरुवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया। यह मामला जनकपुरी और विकासपुरी पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर से जुड़ा था। स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस केस में सज्जन कुमार दोषमुक्त हैं। सज्जन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तिहाड़ जेल से हाजिर हुए और अदालत के फैसले के बाद दोनों हाथ जोड़कर सिर झुकाया।

 

इस मामले में जनकपुरी का केस 1 नवंबर 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या से संबंधित था, जबकि विकासपुरी का मामला 2 नवंबर 1984 को गुरचरण सिंह को जलाने की घटना से जुड़ा था। सज्जन कुमार पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत आरोप लगे थे, जिनमें दंगा, हत्या की कोशिश, जानबूझकर चोट पहुँचाना और धार्मिक स्थल अपवित्र करने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। उन्होंने पहले भी 23 अगस्त 2023 को हत्या के आरोप से बरी किए जाने के बाद तिहाड़ जेल में बंद थे।

 

पीड़ित पक्ष के वकील सीनियर एडवोकेट एचएस फुल्का ने कहा कि सज्जन कुमार के बरी होने का मतलब नहीं कि उन्हें सभी मामलों से राहत मिली है, क्योंकि वह पहले से तीन मामलों में उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस केस का मुख्य गवाह हरविंदर सिंह कोहली पहले दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज नहीं कराया गया और रीइंवेस्टिगेशन के दौरान उसकी डेथ हो गई। फुल्का ने कहा कि अन्य परिवारिक गवाहों ने अपनी गवाही दी थी, लेकिन कोर्ट को यह पर्याप्त नहीं लगा। उन्होंने आगे अपील करने का संकेत भी दिया।

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

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