सरकारी जमीन मामलों में अधिकारियों की लापरवाही पर हाईकोर्ट का गुस्सा
Gwalior ,High Court ,negligence ,  officials , government land matters

ग्वालियर हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में अधिकारियों की लगातार लापरवाही को गंभीर बताया है। अदालत ने कहा कि राज्य की सुस्ती और जिम्मेदारी से विमुख रवैये के कारण निजी पक्षों को अनुचित लाभ मिल रहा है और सरकारी संपत्ति के खतरे बढ़ रहे हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब हर सरकारी जमीन से जुड़े मामले में मुख्य सचिव का शपथपत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कुछ कलेक्टर और अधिकारी सरकारी जमीन मामलों में घोर लापरवाही बरत रहे हैं। अदालत ने कहा कि यह स्थिति सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान का कारण बन सकती है और मुख्य सचिव से पूछा कि क्या ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अधिकारी पर पहले कार्रवाई की गई है तो उसका पूरा विवरण हलफनामे में देना अनिवार्य होगा।

यह आदेश माया बलवानी के खिलाफ दायर सेकंड अपील में आया, जिसमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र, दतिया ने 2800 वर्ग फीट भूमि पर दावा किया था। हाईकोर्ट ने पाया कि अपील दायर करने में गंभीर चूक हुई, जैसे कि राज्य को शुरू में अपीलकर्ता के रूप में शामिल न करना और देरी के लिए संतोषजनक कारण या शपथपत्र न देना। अदालत ने इस मामले में साफ निर्देश दिए कि अब ऐसे मामले में प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूरी की जाए।

Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

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