Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में राज्यसभा को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का दूसरा कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है, जिससे प्रदेश में एक राज्यसभा सीट खाली होगी। इसी को लेकर कांग्रेस के भीतर अभी से खींचतान शुरू हो गई है। इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर किसी अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को मौका दिया जाए।
प्रदीप अहिरवार ने पत्र में लिखा है कि दिग्विजय सिंह को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष यह विषय रखना चाहिए। उन्होंने दिग्विजय सिंह के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि एससी-एसटी वर्ग से कोई मुख्यमंत्री बनता है तो उन्हें प्रसन्नता होगी। इसी बयान के बाद यह पत्र चर्चा में आया और प्रदेश की कांग्रेस राजनीति में नया मुद्दा बन गया। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह तीसरी बार राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं और वह भविष्य में अपना अधिक समय मध्य प्रदेश की राजनीति में देना चाहते हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भी दे दी है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होंगी, लेकिन मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर कांग्रेस को केवल एक ही सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में टिकट को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। राज्यसभा की रेस में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, मीनाक्षी नटराजन, कमलेश्वर पटेल और पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी जैसे नाम सामने आ रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन नेताओं के कारण कांग्रेस की राज्यसभा सियासत आने वाले महीनों में और रोचक होने वाली है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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