Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जेपी जिला अस्पताल में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। पहले फफूंद लगी दवा की शिकायत के बाद अब मरीज को दिए गए माउथवॉश में कीड़े जैसी आकृति मिलने का आरोप लगा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन जनवरी को एक मरीज ने डिक्लोफेनाक टैबलेट में फफूंदी होने की शिकायत की थी, जिसकी जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि छह जनवरी को गले के संक्रमण के इलाज में दिए गए क्लोरहेक्सिडिन माउथवॉश में संदिग्ध वस्तु मिलने का मामला सामने आ गया। लगातार सामने आ रही शिकायतों ने सरकारी अस्पतालों में दवा भंडारण और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल गठित कर दवाओं के पूरे स्टॉक की गुणवत्ता जांच के आदेश दिए हैं। माउथवॉश का सैंपल लैब भेजा गया है, वहीं अस्पताल स्टाफ का कहना है कि दवा भंडारण वाले स्थानों में नमी और सीलन लंबे समय से समस्या बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन एक ओर दवा स्टॉक खत्म होने की बात कह रहा है, तो दूसरी ओर शिकायतकर्ता से दवा लेकर जांच की पुष्टि भी कर रहा है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह तय करेगी कि मरीजों की सेहत से हो रहे इस कथित खिलवाड़ के लिए जिम्मेदार कौन है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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