Patrakar Priyanshi Chaturvedi
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। ओवैसी ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के कड़े प्रावधान कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए, जिनका खामियाजा आज युवा वर्षों से जेल में बंद रहकर भुगत रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब किए गए संशोधनों ने जमानत को लगभग असंभव बना दिया।
ओवैसी ने याद दिलाया कि 2007–08 में उन्होंने लोकसभा में यूएपीए की धारा 15 और क्लॉज 43D पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद की परिभाषा बेहद व्यक्तिपरक है और इसका दुरुपयोग हो सकता है। ओवैसी ने दावा किया कि यही प्रावधान आज उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने का आधार बने हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून कांग्रेस ने बनाया था और तब उन्होंने साफ चेतावनी दी थी कि इसका गलत इस्तेमाल होगा।
ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिन आधारों पर जमानत से इनकार किया, वही चिंताएं उन्होंने पहले जताई थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूएपीए के तहत 180 दिन तक बिना चार्जशीट हिरासत का प्रावधान खासतौर पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस्तेमाल होता है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की कथित साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दी, जबकि अन्य कुछ आरोपियों को राहत दी गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |