Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर पालिका चुनाव के बाद बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ बनाई। इस गठबंधन के चलते कांग्रेस के 12 पार्षद भाजपा के साथ चले गए, जिसके बाद कांग्रेस ने सभी को पार्टी से सस्पेंड कर दिया। 60 वार्डों वाली परिषद में बहुमत के लिए 31 सीटें जरूरी थीं, जिसे इस गठजोड़ के जरिए हासिल कर लिया गया।
चुनाव के बाद शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, इसके बावजूद सत्ता से बाहर रह गई। भाजपा-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के समर्थन से भाजपा नेता तेजश्री करंजुले को अंबरनाथ नगर परिषद का अध्यक्ष चुना गया। यह गठबंधन इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का विरोध करने वाली भाजपा ने स्थानीय सत्ता के लिए उसके साथ हाथ मिला लिया।
अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में भाजपा ने AIMIM समेत अन्य दलों के साथ ‘अकोट विकास मंच’ बनाया, हालांकि यह गठबंधन कुछ घंटों में टूट गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और AIMIM के साथ ऐसे स्थानीय गठबंधनों को खारिज करते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर कांग्रेस ने अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को भंग कर 12 पार्षदों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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