Patrakar Priyanshi Chaturvedi
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के सात दिन बाद भी मरीज सामने आ रहे हैं और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। रविवार को संजीवनी क्लीनिक और आंगनवाड़ी केंद्रों में 65 नए मरीज पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त से पीड़ित लोग शामिल थे। अब तक करीब 1800 लोग बीमार हो चुके हैं, जबकि 600 से अधिक मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती रह चुके हैं। वर्तमान में 150 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 16 की हालत गंभीर बताई जा रही है और वे ICU में इलाजरत हैं।
इस बीच पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक खींचतान भी सामने आई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उनके समर्थकों और नगर निगम अधिकारियों के बीच लंबे समय से चल रहे टकराव का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, जिससे दूषित पानी घरों तक पहुंचता रहा और 16 लोगों की जान चली गई। हालांकि मंत्री ने निजी अस्पताल की रिपोर्ट साझा कर पानी में बैक्टीरिया न होने का दावा किया है, लेकिन एमजीएम मेडिकल कॉलेज की शुरुआती रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाले बैक्टीरिया की पुष्टि की बात सामने आई है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया। इससे पूरे मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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