Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भाजपा तमिलनाडु में ‘उत्तर-दक्षिण’ के नैरेटिव को तोड़ने की रणनीति पर जोर दे रही है। गृहमंत्री अमित शाह के दो दिवसीय दौरे से एनडीए का चुनावी एजेंडा तय होगा। सत्ताधारी डीएमके के हिंदी, हिंदुत्व और क्षेत्रीय नैरेटिव को चुनौती देने के लिए भाजपा इस विधानसभा चुनाव को प्रतिष्ठा का मामला बना रही है। रणनीतिकारों के अनुसार राज्य में 5-6 प्रतिशत वोटों का अंतर सत्ता का फैसला तय कर सकता है, इसलिए नए जाति समूहों और संगठनों को पाले में लाना भाजपा की प्राथमिकता है।
अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा संगठन को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन पूरे राज्य में यात्रा कर संगठन में जान फूंक रहे हैं। भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में अकेले लड़ते हुए 18.28 प्रतिशत वोट मिले, जो दक्षिण भारत में पहली बार दहाई में वोट शेयर हासिल करने जैसा रिकॉर्ड है। 2021 में भाजपा-एआइएडीएमके को 234 सीटों में केवल 75 सीटें मिली थीं, जबकि डीएमके गठबंधन ने 159 सीटें जीतीं। अब पार्टी इसी आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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