Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विकास कार्यों के नाम पर पेड़ों की कटाई थमने का नाम नहीं ले रही है। कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर और उसके आसपास लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन के विस्तार के लिए रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने सैकड़ों पेड़ काट दिए गए, जबकि कटाई की अनुमति को लेकर स्थिति साफ नहीं है। उच्चस्तरीय समिति ने भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक सेंट्रल वर्ज में 67 पेड़ काटने की मंजूरी दी थी, लेकिन यहां सड़क किनारे मौजूद पेड़ों पर भी आरी चल गई। इसी तरह 11 मील से बंगरसिया तक पीडब्ल्यूडी की सात किलोमीटर लंबी सड़क के लिए लगभग सभी पेड़ काट दिए गए हैं और अब वहां सिर्फ ठूंठ बचे हैं।
अयोध्या बायपास पर करीब आठ हजार पेड़ों की कटाई पर एनजीटी ने रोक लगाई है, हालांकि ढाई हजार पेड़ कटने के बाद यह स्टे मिला और मामले की सुनवाई 8 जनवरी को तय है। इस बीच निगम की ओर से निगरानी व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को प्रतिपूरक वृक्षारोपण पर स्पष्ट हलफनामा देने के निर्देश दिए हैं, जिसमें पेड़ों की संख्या, प्रजाति, उम्र और स्थान की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। इसके बावजूद 11 मील–बंगरसिया रोड पर बिना अनुमति 488 पेड़ काटे गए, जबकि नीलबड़ क्षेत्र में भी पेड़ कटाई के मामलों में एनजीटी की सख्ती के बावजूद विभागों पर आदेशों का असर नजर नहीं आ रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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