Patrakar Vandana Singh
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में जारी संकट के बीच DGCA ने कड़ा कदम उठाते हुए 4 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर — रिषराज चटर्जी, सीमा झमनानी, अनिल कुमार पोखरियाल और प्रियम कौशिक — को सस्पेंड कर दिया है। ये सभी अधिकारी इंडिगो के सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे। इसी बीच DGCA की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार को एक बार फिर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स से मुलाकात कर हाल की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन की वजहों पर सवाल-जवाब करेगी।
इधर, भारत में लो-कॉस्ट एयरलाइन मॉडल की शुरुआत करने वाले कैप्टन आर. गोपीनाथ ने कहा कि इंडिगो का संकट उसकी अपनी ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ और गलत आकलन का नतीजा है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से लागू हुए नए FDTL नियमों की दूसरी फेज के लिए एयरलाइन ने पर्याप्त प्लानिंग नहीं की। नए नियमों के बाद इंडिगो के पास उड़ान संचालन के लिए पर्याप्त पायलट नहीं बचे। गोपीनाथ का मानना है कि जब एयरलाइनें मुनाफे और मार्केट वैल्यू पर ज्यादा ध्यान देती हैं, तो वे अपने क्रू और स्टाफ की बात सुनना बंद कर देती हैं, जिसके कारण ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं।
इंडिगो पर संकट लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 200 से अधिक फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सरकार ने एयरलाइन को उसके कुल विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश भी दिया है। कैप्टन गोपीनाथ ने यहां तक कहा कि एयर डेक्कन को बर्बाद करने में इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन की भूमिका रही थी। बढ़ती कैंसलेशन और क्रू की कमी के चलते यात्रियों की परेशानी फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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