Patrakar Vandana Singh
बालाघाट में सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और आरक्षण मुद्दे पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शासकीय शिक्षक सुनील मेश्राम के खिलाफ जनजाति कार्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। शिक्षक द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट में न केवल अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखी गई थीं, बल्कि एससी/एसटी आरक्षण और बिहार चुनाव नतीजों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई। मामले की जानकारी मिलते ही विभाग ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है।
जनजाति कार्य विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर ने पोस्ट की गंभीरता को देखते हुए उच्च श्रेणी के शिक्षक सुनील मेश्राम को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि शिक्षक ने फेसबुक पर सरकार और विशेष राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में राय प्रकट की, जो सरकारी सेवा आचरण नियमों का खुला उल्लंघन है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में स्पष्ट किया गया कि मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कोई भी शासकीय सेवक मीडिया या सोशल प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणी नहीं कर सकता, जो केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों की प्रतिकूल आलोचना करती हो या किसी राजनीतिक दल के पक्ष में राय व्यक्त करती हो। साथ ही, नियम 51 के अनुसार सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकता। इन नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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