Patrakar Vandana Singh
ग्वालियर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान छह विधानसभा क्षेत्रों में 1 लाख 23 हजार मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार तक 90% गणना पत्रक डिजिटल हो चुके हैं, जिससे मतदाता सूची की स्थिति लगभग स्पष्ट मानी जा रही है। सबसे अधिक शिफ्टेड मतदाता ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर विधानसभा में मिले, जहां बड़ी संख्या में मतदाता अपने घरों पर नहीं मिले और न ही उन्होंने गणना पत्रक लौटाए।
त्रुटिपूर्ण रिकॉर्डों में भी सुधार जारी है। डेढ़ लाख से अधिक मतदाताओं के डेटा में पुराने रिकॉर्ड से गलत लिंक जानकारी जुड़ी हुई मिली है। 2003 की मतदाता सूची में नामों की गलत पहचान के कारण कई प्रविष्टियां गलत दर्ज हो गईं, जिन्हें अब सही किया जा रहा है। ग्वालियर पूर्व में 33,282 और ग्वालियर विधानसभा में 24,628 मतदाता शिफ्टेड पाए गए हैं, जो राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है। वहीं डबरा में सबसे कम 7,627 मतदाता शिफ्टेड मिले।
SIR के दौरान 24,821 मृतक मतदाताओं की पहचान भी की गई है, जिनके नाम हटाए जाएंगे। 4 नवंबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। शिफ्टेड सूची में गए मतदाताओं को दोबारा नाम जोड़ने के लिए पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा और 2003 की सूची में अपना पुराना रिकॉर्ड बताना अनिवार्य होगा। ग्वालियर पूर्व जैसी नई विधानसभा में अन्य जिलों से आकर बसे लोगों की संख्या अधिक होने के कारण यहां गणना पत्रक जमा न करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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