भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की शादी 30 नवंबर को सामूहिक विवाह समारोह में करने जा रहे हैं। उज्जैन में शुक्रवार को शादी समारोह की शुरुआत हुई। पहले दिन माता पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पत्नी सीमा यादव सहित बड़े बेटे वैभव यादव, बेटी डॉ आकांक्षा यादव, बड़े भाई नारायण यादव, बहन कलावती यादव सहित पूरे परिवार ने जमकर डांस किया। हालांकि, सुबह शुरू हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो पाए हैं। वे दोपहर बाद उज्जैन पहुंचेंगे। इसके बाद होने वाले अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव लगातार अपनी सादगी की मिसाल पेश कर रहे हैं। उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु 30 नवम्बर को खरगोन की डॉ. इशिता के साथ उज्जैन में सामूहिक विवाह समारोह में 21 जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंधेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बडे बेटे की शादी भी सादे समारोह में की थी। छोटे बेटे की शादी का निमंत्रण पत्र भी साधारण रखा गया है, जिस पर दूल्हा-दुल्हन की तस्वीर के साथ मांगलिक कार्यों की जानकारी दी गई है। इसकी सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है।
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री के गीता कॉलोनी स्थित निवास से माता पूजन का कार्यक्रम शुरू हुआ। जिसमें बैंड बाजे के साथ परिवार और करीबी लोग के साथ दोस्त भी शामिल हुए। इस दौरान भाजपा नेता भी कार्यक्रम में शामिल रहे। माता पूजन के कार्यक्रम भाजपा शहर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी, जगदीश पांचाल, मुकेश यादव सहित कई पार्षद और लोग शामिल हुए। इस दौरान सभी ने डीजे और ढोल पर डांस भी किया। माता पूजन कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री की बेटी डॉ आकांक्षा यादव अपने भाई की शादी में जश्न मनाते हुए नजर आई। मुख्यमंत्री की बहन कलावती यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से घर में खुशियों का प्रसंग आया है। हर्ष उल्लास की घड़ी है। सभी के जीवन में ऐसी खुशियां भरे भगवान महाकाल।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का परिवार उज्जैन में अपने पैतृक आवास में रहता है। उनके छोटे बेटे अभिमन्यु डॉक्टर है, वह भोपाल में ही रहते हैं। उनकी होने वाली पत्नी इशिता भी डॉक्टर हैं। दोनों की सगाई पिछले दिनों मुख्यमंत्री आवास में सादे समारोह में हुई थी,जिसमें केवल परिवार के लोग शामिल हुए थे। इससे पहले उनके बड़े बेटे की शादी पुष्कर में बहुत ही सामान्य तरीके से हुई। जिसमें कोई दिखावा नहीं था और केवल परिवार के बेहद करीबी लोग ही शामिल हुए। अब छोटे बेटे की शादी सामूहिक विवाह समारोह में कर न सिर्फ अपनी सादगी का परिचय दे रहे हैं, बल्कि समाज के लिए फिजुलखर्ची रोकने के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।