Patrakar Vandana Singh
बीजापुर । जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम नेन्द्रा में नक्सलियाें के कमजाेर पड़ने के साथ ही 20 साल बाद प्रथमिक शिक्षा से वंचित बच्चाें के लिए ग्रामीणाें की मांग पर सरकार ने एक स्कूल खोलकर शिक्षादूत कल्लू ताती काे यहां पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया, लेकिन बच्चाें की प्रथमिक शिक्षा से नक्सलियाें काे काेई लेना देना नहीं है।
नक्सली चाहते हैं कि यहां के बच्चे निरक्षर ही रहे। जिसके बाद 29 अगस्त को शिक्षादूत कल्लू ताती की नक्सलियों ने हत्या कर दी। शिक्षादूत की हत्या के बाद यहां शिक्षा विभाग ने दो महीने से काेई दूसरा शिक्षादूत नियुक्त ही नहीं किया गया। नक्सलियों की दहशत के कारण अब स्कूल में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिसके चलते अब बच्चे पुन: प्रथमिक शिक्षा से वंचित हाे गये हैं।
शिक्षा विभाग से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद से लगातार पहल किया जा रहा है, लेकिन शिक्षादूत कल्लू ताती की नक्सली हत्या की घटना से लोगों में दहशत है। शिक्षक की हत्या के बाद कोई भी युवा पढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। एक युवा से बात हुई है, जो यहां पढ़ाने के लिए तैयार है, वे जल्द शिक्षण कार्य संभालेंगे।
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