Patrakar Vandana Singh
भारत में आज भी लाखों बच्चे अपने बचपन की मासूमियत से दूर है ... गरीबी और अशिक्षा की वजह से बच्चे अपना बचपन मजदूरी करने में बिता देते है ... लेकिन क्या आप जानते है ... भारतीय संविधान का अनुछेद 24 ऐसे किसी भी काम को स्पष्ट रूप से निषेध करता है ... अनुच्छेद 24 बताता है की 14 साल से कम आयु का कोई भी बच्चा कारखानों , खदानों में या किसी भी खतरनाक काम मे नियोजित नहीं किया जाएगा ... इसका उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करना है ... यह सिर्फ एक कानून नहीं , बच्चों के लिए एक संवैधानिक सुरक्षा कवच भी है ... बाल श्रम केवल कानूनी अपराध नहीं है ... यह एक नैतिक अपराध है , जो उनके बचपन , शिक्षा और भविष्य को छीन लेता है ... इसमें कठोर दंड का भी प्रावधान किया गया है ... संविधान के इस अनुच्छेद के आधार पर सरकार ने बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986 लागू किया ... इसके बाद भी कई जगहों पर बच्चे बाल मजदूरी करते हुए नज़र आते है ... तो ऐसे मे हमें इसे नज़रअंदाज़ न करते हुए चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर तुरंत कॉल करके इसकी जानकारी देना है ... क्योंकि बदलाव हमसे ही शुरू होता है ... केवल कानून बनाना काफी नहीं है ... ज़रुरत है समाज को भी जागरूक बनाने की ...
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