Patrakar Vandana Singh
भोपाल । संस्कृति बचाओ मंच ने अमरनाथ यात्रा के बहिष्कार की अपील की है, जिससे सनातन धर्मियों से अगले तीन वर्षों तक इस यात्रा से दूर रहने की अपील की जा रही है। मंच का तर्क है कि कुछ कश्मीरी लोग जो यात्रा के दौरान रोजगार पाते हैं, वे आतंकवाद में शामिल हैं और सनातन धर्मियों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। इसलिए यात्रा बंद कर देनी चाहिए। एक तरफ वे यात्रा बंद करने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर उनकी इस बात का विरोध संत समाज एवं हिन्दू विद्वानों किया है। उनका कहना है कि सदियों से अपने आराध्य भगवान महादेव के हिमशिव लिंग के दर्शन के लिए हमारे पूर्वजों ने अनेकों कष्ट सहे, पर यात्रा सदैव होती रही है, ऐसे में आतंकवाद से डर कर यह यात्रा बंद नहीं होनी चाहिए, बल्कि पहले से अधिक यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाए जाना चाहिए।
दरअसल, मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने रविवार काे एक बयान जारी कर कहा कि सनातन धर्मियों को अगले तीन वर्षों तक अमरनाथ यात्रा से दूरी बनानी चाहिए, ताकि उन कश्मीरी लोगों का रोजगार छीना जा सके, जो हमारी आस्था के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। जिन कश्मीरियों को श्रद्धालुओं की सेवा से रोजगार मिलता है, वही कुछ लोग आतंकवादियों का सहयोग कर रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान जिन लोगों को घोड़े, पिट्ठू और सेवा प्रदाता जैसे रोजगार मिलते हैं, उनमें से कुछ ने आपात स्थिति में सनातन धर्मियों की मदद करने के बजाय आतंकवादियों का समर्थन किया है।
मंच का मानना है कि यात्रा का बहिष्कार करके, वे इन लोगों को उनके कार्यों का एहसास करा सकते हैं और आतंकवाद को समर्थन देने वालों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। चंद्रशेखर तिवारी ने तीखे शब्दों में कहा कि "हमारे धर्म में हर कण में भगवान का वास है। अमरनाथ यात्रा के नाम पर उन लोगों को रोजी-रोटी देना, जो आतंकियों के साथ मिलकर हिंदुओं की हत्या में मदद कर रहे हैं, यह अक्षम्य है। अब समय आ गया है कि हम उनका रोजगार छीनकर उन्हें उनकी करतूतों का अहसास कराएं।" वहीं, पंडित शिवराज शास्त्री ने भी मंच का समर्थन करते हुए कहा, "वहां का पूरा अर्थतंत्र अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी यात्रा पर निर्भर है। अगर हम यात्रा रोक देंगे, तो आतंकवाद को छिपकर समर्थन देने वालों को सबसे बड़ा झटका लगेगा। हमने अपनी तरफ से 15 यात्रियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है और अन्य सनातनियों से भी ऐसा करने की अपील करते हैं।
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