Patrakar Vandana Singh
मध्य प्रदेश में गौ संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन धरातल पर इन योजनाओं का प्रभाव नदारद है। सिंगरौली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं की असलियत उजागर हो रही है।
गौशाला में भूसा और चारे की भारी कमी
नगर पालिक निगम सिंगरौली देवरा में एक गौशाला संचालित की जा रही है, जिसमें लगभग 50 गोवंश मौजूद हैं। लेकिन यहां इन गायों को खिलाने के लिए आवश्यक भूसा और चारा उपलब्ध नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि पांच दिन से ज्यादा समय से गायें भूखी हैं। इस लापरवाही ने गौशाला के संचालन पर सवाल उठाए हैं और इसे जांच का विषय बना दिया है।
लापरवाही पर उठे सवाल
गायों के प्रति इस तरह की लापरवाही ने स्थानीय लोगों और पशुपालकों को चिंतित कर दिया है। जब गौशाला में भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो यह सरकारी नीतियों और योजनाओं की असफलता को दिखाता है। गायों के संरक्षण के लिए बनाई गई योजनाएं अगर कागजों तक सीमित रहती हैं और उनका पालन सही तरीके से नहीं होता, तो इसका नकारात्मक प्रभाव पूरे संरक्षण अभियान पर पड़ता है।
क्या सरकार इस मुद्दे पर ध्यान देगी?
इस मामले में अब यह देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए गायों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए जरूरी कदम उठाते हैं या नहीं। फिलहाल, यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन चुका है, और गौवंश की देखभाल में सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही है।
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