Patrakar Priyanshi Chaturvedi
झांसी मेडिकल कॉलेज में आग, 10 नवजातों की मौत
महारानी लक्ष्मीबाई सरकारी मेडिकल कॉलेज, झांसी में शुक्रवार रात एक भयानक हादसा हुआ। स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एनआईसीयू) में भीषण आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसे के दौरान वार्ड में 50 से अधिक बच्चे भर्ती थे, जिनमें से 39 को खिड़की तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस भयावह घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
झांसी के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे एनआईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। यह आग एनआईसीयू के बाहरी हिस्से में फैली, जहां गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रखा गया था। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 10 बच्चों की जान जा चुकी थी।
इस हादसे ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बताया गया कि अस्पताल का फायर फाइटिंग सिस्टम खराब था। अग्निशमन यंत्रों के समय पर काम न करने से स्थिति और बिगड़ गई।
हादसे में 16 बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि एनआईसीयू में गंभीर हालत वाले बच्चों को अंदरूनी हिस्से में रखा जाता है, जबकि हल्के बीमार बच्चों को बाहरी हिस्से में रखा जाता है। अंदरूनी हिस्से में करीब 30 बच्चे थे, जिनमें से अधिकांश को बचा लिया गया।
आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। खिड़की तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन आग की भयावहता ने कई मासूमों की जान ले ली।
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आग लगने के कारणों और अस्पताल की लापरवाही पर रिपोर्ट मांगी गई है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
झांसी अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों का दर्द असहनीय है। यह हादसा मेडिकल सेवाओं में सुधार और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने की आवश्यकता की ओर गंभीर संकेत देता है।
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