Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं ... ग्रामीण इलाकों में तो सब कुछ भगवान् भरोसे है ... स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला कितनी भी बातें करें लेकिन हकीहत में मरीजों को एम्बुलेंस तक मुहैया नहीं हो पाती है और उन्हें चरपाई पर लेटाकर कन्धों के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है ... स्वास्थ्य मंत्री जी देख लीजिये आपके प्रदेश का हाल ...
ये खबर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला को समर्पित है ... राजेंद्र शुक्ला प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के भी मुखिया हैं ... राजेंद्र शुक्ला स्वास्थ्य विभाग को लेकर जो दावे करते हैं ... ये दृश्य उन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं ... ग्रामीण क्षेत्रो मे किस तरह स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का बुरा हाल है वो इसे देखकर समझा जा सकता है ...मंत्री जी आपके राज में मरीजों को एम्बुलेंस तक नहीं मिल पा रही है ... आपके रहते हुए मरीजों का ये हाल हो रहा है ... मरीज को लेने जब एम्बुलेंस नहीं आती तो मजबूरी में लोग बीमार को चरपाई पर लेटाकर उसे कंधे पर उठाते हैं और पैदल उसे अस्पताल की ओर ले चल पड़ते हैं ...ये दृश्य छतरपुर के उस आदिवासी बाहुल्य गांव हिरदेपपुर मे उस समय देखने को मिला जब गांव की एक ला चालीस वर्षीय महिला जंगी बारेला को अचानक सीने में दर्द होने लगा ... सरकारी तंत्र को फोन किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली ...राजेंद्र शुक्ला जी गावों की सड़कों के हाल तो आप जानते ही हैं ... सड़क भगवान भरोसे है ... ऐसी में ग्रामीणों ने पीड़ित महिला को चारपाई पर लिटाया और 1 किलोमीटर तक का पैदल सफर तय किया और फिर प्रायवेट वाहन से बकस्वाहा अस्पताल ले गए ... जहाँ महिला का प्राथमिक उपचार किया गया लेकिन बदकिस्मती ने बीमार महिला का साथ नही छोड़ा और सिस्टम की मार झेल रही आदिवासी महिला को यहां भी जिला अस्पताल जाने के लिए एंबुलेस न मिली ,परिजन बताते है की हमारे द्वारा कई बार एंबुलेस को कॉल किया गया पर हर बार जवाब मिला की एंबुलेस को आने में दो घण्टे लग जाएंगे ... जिसके बाद आदिवासी परिवार ने किराए से प्राइवेट वाहन किया और बीमार को जिला अस्पताल दमोह ले कर पहुंचे ... मंत्री जी आपके बस में कुछ हो तो इनकी मदद के लिए कुछ कीजिये न
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