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श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण महिने में प्रति दिन भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। 15 अगस्त गुरूवार को आजादी के पर्व पर भक्तों का सैलाब उमड़ा। सुबह भस्म आरती से लेकर रात तक महाकाल मंदिर में करीब दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं के साथ ही बढ़ी संख्या में कावड़ यात्री भी बाबा महाकाल को जल अर्पित करने के लिए आ रहे है। वहीं आस-पास के गांव से भी महिलाओं के जत्थे जल लेकर पहुंचे।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन महिने के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ देशभर से पहुंच रही है। खासकर अवकाश के दिनों में भीड़ का आंकड़ा बढ़ जाता है। गुरूवार को 15 अगस्त का अवकाश होने के कारण बाहर के श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे है। कारण है कि स्वतंत्रता दिवस के अवकाश के बाद शुक्रवार को एक दिन की छुट्टी लेने से सोमवार तक पांच दिन अवकाश के मिल रहे है। इसमें शनिवार-रविवार के बाद सोमवार को रक्षाबंधन का अवकाश होने और श्रावण महिने का आखरी दिन के साथ ही भगवान महाकाल की सवारी होने के कारण बाहर के दर्शनार्थी अधिक संख्या में आ रहे है। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की काउंटिंग हेड काउंटिंग मशीन से हो रही है। हेड काउंट डिवाइस के माध्यम दिन भर में 2 लाख से अधिक दर्शनार्थियों ने श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए है।
कावड़ यात्रियों के जत्थे भी पहुंचे-
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा श्रावण मास के दौरान बाहर से आकर भगवान महाकाल को जल अर्पित करने वाले कावड़ यात्रियों के आवेदन आने पर जल चढ़ाने की अनुमति दी जाती है। इसमें पहले की तरह शनिवार से सोमवार तक अनुमति नही दी जाती है। इसीलिए मंगलवार से ही कावड़ यात्रियों की भीड़ लगी है। वहीं अवकाश होने के कारण आस-पास के गांव से जल लेकर आने वाली महिला श्रद्धालुओं की भीड़ भी मंदिर पहुंचने लगी है। हालत यह है कि इंदौर रोड़ से श्री महाकालेश्वर मंदिर तक पहुंचने के दौरान कई स्थानों पर जाम लग रहा है।
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