Patrakar Vandana Singh
35 इंच चौड़े स्टील पाइप से निकलेंगे मजदूर
उत्तरकाशी में 12 नवंबर की सुबह 4 बजे एक निर्माणाधीन टनल धंस गई। पिछले 55 घंटे से 40 मजदूर अंदर फंसे हुए हैं। चारधाम प्रोजेक्ट के तहत यह टनल ब्रह्मखाल और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सिल्क्यारा और डंडलगांव के बीच बनाई जा रही है। उत्तरकाशी टनल हादसे में 55 घंटे से 40 मजदूर टनल में फंसे हुए हैं। बमुश्किल रेस्क्यू का काम चल रहा है। रेस्क्यू के दौरान भी टनल धंस रही है। रेस्क्यू टीम अब 35 इंच चौड़े स्टील पाइप से मजदूरों को निकालने के काम को अंजाम दे रही है। उत्तरकाशी में 12 नवंबर को सुबह 4 बजे सिल्क्यारा टनल का एक हिस्सा धंस गया और इसमें 40 मजदूर फंस गए। टनल का शुरुआती हिस्सा अभी ठीक है लेकिन यहां से 200 मीटर अंदर टनल का 50 मीटर का हिस्सा धंस गया है। NHIDCL, NDRF, SDRF, ITBP, BRO और नेशनल हाईवे के 200 से ज्यादा लोग यहाँ 24 घंटे काम कर रहे हैं। टनल से मलबा हटाने के दौरान ऊपर से लगातार मिट्टी धंस रही है। इससे रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है। मजदूरों को निकालने के लिए ऑगर ड्रिलिंग मशीन की मदद से 35 इंच का स्टील पाइप टनल में डाला जा रहा है। फंसे हुए मजदूर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हैं। NHIDCL के डायरेक्टर टेक्निकल अतुल कुमार ने बताया कि टनल से मलबा हटाने के दौरान ऊपर से लगातार मिट्टी धंस रही है। स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट के सेक्रेटरी रंजीत सिन्हा ने बताया कि संभवत: मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक मजदूरों को टनल से बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्हें पाइप के जरिए ऑक्सीजन और छोटे पैकेट्स में खाना-पानी पहुंचाया जा रहा है। सभी मजदूर सुरक्षित हैं। उत्तराखंड सरकार ने घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। बताते हैं इस साढ़े 4 किलोमीटर लंबी और 14 मीटर चौड़ी टनल के स्टार्टिंग पॉइंट से 200 मीटर तक प्लास्टर किया गया था। उससे आगे कोई प्लास्टर नहीं था, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ। यह टनल चार धाम रोड प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है।
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