Patrakar Vandana Singh
बहुत ही सख्त अधिकारी थे टीएन शेषन
भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का छियासी वर्ष की आयु में रविवार रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया एक वक्त में काफी अव्यवस्थित रही भारत की चुनाव व्यवस्था को पटरी पर लाने का श्रेय टीएन शेषन को ही जाता है |
टीएन शेषन ने बीती रात अंतिम सांस ली दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया | वर्ष 1990 से 1996 के दौरान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे | ... मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभालने से पहले वह 1989 में भारत के 18वें कैबिनेट सेक्रेटरी का पद संभाल रहे थे | 1996 में उन्हें सरकारी सेवाओं के लिए रमन मेग्सेसे अवॉर्ड दिया गया था | पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है | कुरैशी ने कहा कि वह सच्चे अर्थों में महान थे ... कुरैशी ने लिखा- मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।
15 दिसंबर 1932 को केरल के पलक्क्ड़ जिले के थिरुनेल्लई में पैदा हुए शेषन ने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री ली इसके बाद वह भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडवर्ड एस मेसन फैलोशिप के तहत पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की | टीएन शेषन और मेट्रो मैन कहे जाने वाले ई श्रीधरन ने पलक्कड़ के बीईएम हाईस्कूल और विक्टोरिया कॉलेज में साथ-साथ पढ़ाई की |10वें चुनाव आयुक्त के तौर पर शेषन पारदर्शिता और दक्षता का पर्याय थे | टीएन शेषन ने 1997 में देश के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा लेकिन वह केआर नारायणन से हार गए थे |
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