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राजस्थान के आदिवासी जिले बांसवाड़ा में बच्चों की मौत का आंकड़ा एकाएक बढ़ गया है। यहां पिछले 63 दिन में 86 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं पिछले तीन घंटे में भी चार बच्चों की मौत हो चुकी है। राजस्थान सरकार यहां बच्चों की मौत की जांच के आदेश दे चुकी है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। प्राथमिक जांच में यह मौतें प्रसूताओं और बच्चों के कुपोषण के कारण होना बताया जा रहा है। यह मौतें यहां के सबसे बडे़ सरकारी अस्पताल में हो रहे है।
जानकारी के अनुसार जिन नवजातों की मौत हुई है वह अलग-अलग अस्पतालों से रैफर होकर आए थे। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा किया है और पाया है कि यहां प्रसूताओं की देखभाल में कमियां हैं। इस बारे में अस्पताल प्रशासन को सचेत भी किया गया है। यहां के कुपोषणग्रस्त बच्चों के वार्ड के प्रभारी रंजन चरपोटा ने बताया कि बच्चे पहले ही कुपोषण ग्रस्त थे और इन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति गम्भीर होने के कारण बचाया नहीं जा सका।
गौरतलब है कि बांसवाड़ा आदिवासी बहुल क्षेत्र है। तमाम सरकारी योजनाओं के बाद भी यहां प्रसूताओं को सही पोषक आहार नहीं मिल रहें है। वहीं नवजातों की लगातार हो रही मौत के राज्य बाल संरक्षण आयोग ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है। साथ ही कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने नवजातों की मौत को दुखद बताया है।
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