Patrakar Vandana Singh
कांग्रेस नेता नारायण राणे के भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। हालांकि प्रदेश के सियासी गलियारों में यह चर्चा कई दिनों से चल रही है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी वक्त इस बड़े फैसले की खबर आ सकती है।
राणे ने अपने करियर की शुरुआत शिवसेना से की थी। तब भाजपा के साथ बनी गठबंधन वाली सरकार में मुख्यमंत्री भी रहे। 2005 में उन्हें शिवसेना से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
राणे के बारे में कहा जा रहा है कि अब उन्हें अपने दोनों बेटों के राजनीतिक भविष्य की चिंता सता रही है। इसी कारण वे भाजपा का रुख कर रहे हैं। वहीं भाजपा, महाराष्ट्र विधानसभा में अपनी सहयोगी शिवसेना से परेशान है। शिवसेना सहयोगी कम और विपक्षी की भूमिका ज्यादा निभा रही है।
पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन शिवसेना का मजबूत गढ़ जैसे कोंकण, मुंबई और ठाणे में थोड़ी कमजोर रही। अब भाजपा की नजर कोंकण पर है, जहां कि 3 लोकसभा और 15 विधानसभा सीटों पर शिवसेना का कब्जा है। नारायण राणे के बहाने भाजपा कोंकण में खुद को मजबूत कर सकती है।
माना जाता है कि यदि कोंकण, ठाणे और मुंबई में नारायण राणे तथा भाजपा की ताकत एक साथ आ जाए तो वह इस क्षेत्र में शिवसेना को पीछे छोड़ने में कामयाब हो सकती है।
पिछले विधानसभा चुनावों में शिवसेना को भाजपा से लगभग आधी सीटें मिली थीं। यदि कोंकण और ठाणे ने भाजपा का साथ दिया होता तो भाजपा पूर्ण बहुमत तक अकेले पहुंचने में कामयाब हो सकती थी। अब शिवसेना के तीखे तेवरों से परेशान भाजपा शिवसेना को उसके ही गढ़ में धूल चटाना चाहती है। नारायण राणे उसकी इस मंसा को पूरा करने में महत्त्वपूर्ण हथियार साबित हो सकते हैं।
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