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शिवसेना को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविंद का नाम रास नहीं आया। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुंबई में साफ कर दिया है कि दलित समाज का मत पाने के लिए यदि दलित नाम दिया जा रहा है, तो उसमें उनकी कोई रुचि नहीं है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद पर दलित समाज के किसी व्यक्ति को सिर्फ दलित समाज का ध्यान रखकर नहीं बैठाना चाहिए। राष्ट्रपति पूरे देश का भला करनेवाला होना चाहिए।
यदि इस दृष्टि से कोई उम्मीदवार चुना गया होता, तो हम साथ रहते। लेकिन वोटों की राजनीति करने के लिए किसी दलित को उम्मीदवार बनाया जाना शिवसेना को मंजूर नहीं है।
उद्धव ने बालासाहब ठाकरे को याद करते हुए कहा कि वह कहते थे कि भारत हिंदू राष्ट्र है। इसी दृष्टि से हमने हिंदुत्व और देशहित में मोहन भागवत का नाम सुझाया था।
यदि उसमें कोई अड़चन थी, तो देश में हरित क्रांति लानेवाले कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को उम्मीदवार बनाया जा सकता था।उद्धव सोमवार शाम शिवसेना के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत के अनुसार राष्ट्रपति पद के राजग उम्मीदवार के नाम की घोषणा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से फोन पर संपर्क कर उनसे कोविंद के नाम पर समर्थन का आग्रह किया।
इसके जवाब में उद्धव ने कहा था कि वह अपनी पार्टी की बैठक के बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय कर पाएंगे। लेकिन उन्होंने इस संबंध में अपना रुख सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया।
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