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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सीआरपीएफ के जवानों ने अब आखिरी लड़ाई का मोर्चा खोल दिया है। सीआरपीएफ के सेंट्रल जोन कमांड का मुख्यालय रायपुर में बनने के बाद ही सीआरपीएफ स्पेशल डीजी कुलदीप सिंह ने रायपुर में डेरा डाल दिया है। सीआरपीएफ अब बारिश से पहले तक नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाएगी।
सीआरपीएफ के आला अधिकारियों की मानें तो सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में 20 हजार जवानों को जंगलों में रणनीति के साथ आपरेशन के लिए उतार दिया गया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बार्डर पर भी नक्सलियों के खिलाफ स्पेशल आपरेशन शुरू कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने बालाघाट, गढ़चिरौली और राजनांदगांव में गोपनीय आपरेशन शुरू किया है। इसको देखते हुए प्रदेशों के ज्वाइंट पर विशेष फोकस किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोबरा कमांडोज सुकमा को घेरकर रुटीन ऑपरेशन के अलावा अलग से अभियान चलाएंगे। कोबरा कमांडो के साथ आईईडी एक्सपर्ट भी तैनात किए जा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो सीआरपीएफ अब माओवादियों के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाएगा। नक्सलियों को जंगल में घुसकर मारने के लिए सुरक्षाबलों को फ्री हैंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पांच राज्यों की मानिटरिंग के लिए स्पेशल डीजी को रायपुर में तैनात किया गया है।
यहां से अगले दस दिन में ज्वाइंट आपरेशन प्लान किया जा रहा है, जो ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखंड, उत्तर प्रदेश में एक साथ शुरू होगा। इस ज्वाइंट आपरेशन का बेस कैंप रायपुर में रहेगा। सूत्रों की मानें तो नक्सलियों के बड़े नेताओं की लोकेशन भी सुकमा और आसपास के इलाकों में मिली है। इसी को देखते हुए सुकमा में विशेष फोकस किया जा रहा है।
सीआरपीएफ के आईजी डीएस चौहान ने बताया कि सीआरपीएफ के जवान बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। सुकमा में हमले के बाद अभियान को और भी मुस्तैदी के साथ शुरू किया गया है। जवान जंगलों में उतरकर नक्सलियों से मोर्चा लेने को तैयार हैं।
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