Patrakar Priyanshi Chaturvedi
आप और कोंग्रेस ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
मध्यप्रदेश में बिजली खरीदी के लिए निजी कम्पनियों के साथ हुए करार में करीब 50 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने लगाए हैं। कांग्रेस ने इन करारों के पीछे प्रदेश के पूर्व सीएस राकेश साहनी की भूमिका को संदिग्ध बताया है। इनके अलावा दो आईएएस अफसरों की भूमिका भी मामले में संदिग्ध मानी जा रही है। कांग्रेस ने कहा है कि वह सीवीसी में इस मामले को लेकर जाएगी। वहीं सीबीआई में भी शिकायत करेगी। उधर, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा आरोप लगाया है कि बिजली खरीदी और बेचने में जो करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है, उसमें सरकार के साथ पूर्व मुख्य सचिव राकेश साहनी भी जिम्मेदार हैं। साहनी और सरकार अडानी सहित कई निजी कम्पनियों से बिजली खरीदने में जुटी रही। इस कारण प्रदेश में नए बिजली संयंत्र नहीं लगाए गए। मिश्रा ने कहा कि सरकार जब पांच साल के लिए चुनी जाती है तो बिजली कम्पनियों से 25 साल का करार क्यों किया गया। इस मामले में कांग्रेस अपने विधि विभाग से सलाह कर रही है। कांग्रेस इस मामले में सीबीसी जाएंगी और सीबीआई को भी इस मामले में दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।
वहीं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी बिजली घोटाले पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा घोटाला हुआ है इसकी जांच जरूरी है। जब तक जांच नहीं हो जाती मैं अपना बिजली का बिल नहीं जमा करुंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हर दिन नया घोटाला हो रहा है। इससे प्रदेश देश भर में बदनाम हो रहा है। जनता के पैसों का भ्रष्टाचार कर जेब भरी जा रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर हर स्तर तक जाकर लड़ाई लडेंगी।
उधर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल का आरोप है कि यह 50 हजार करोड़ का घोटाला है। निजी कम्पनियों से गैर कानूनी तरह से समझौता कर महंगी बिजली खरीदी जा रही है और इसका पैसा जनता को महंगी बिजली देकर वसूला जा रहा है। अग्रवाल ने कहा कि 6 निजी कम्पनियें से लगभग 1575 मेगावाट के समझौते किए । समझौते के मुताबिक सरकार इन कम्पनियों से बिजली खरीदे या न खरीदे वह फिक्स चार्ज 2163 करोड़ रुपए 25 वर्ष तक इन कम्पनियों को देगी। अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में कल मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया था, पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए जमकर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में कुछ अन्य आईएएस अफसरों की भूमिका भी है, जिसे जल्द उजागर करेंगे।
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