Patrakar Vandana Singh
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी भारत के अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं। उत्तर प्रदेश में असेंबली इलैक्शन में मिले भारी बहुमत के बाद अब भाजपा को पसंद का राष्ट्रपति मिलना तय है। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी का नाम सामने आया है। इस बारे में चुनाव नतीजे आने से पहले 8 मार्च को सोमनाथ में एक मीटिंग में चर्चा हुई थी, जिसमें नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत खुद अडवाणी भी मौजूद थे।
मोदी ने मीटिंग में यह संकेत दिया था कि उनकी तरफ से यह अडवाणी को गुरुदक्षिणा होगी। वहीं जानकारी के मुताबिक नतीजों के बाद अब अडवाणी का नाम फाइनल माना जा रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले पीएम मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर थे। पीएम के दौरे के दौरान सोमनाथ में एक खास बैठक हुई थी जिसमें मोदी, शाह, आडवाणी के अलावा केशुभाई पटेल भी मौजूद थे। उसी बैठक को दौरान मोदी ने संकेत दे दिए थे कि यदि यूपी में चुनाव के नतीजे भाडपा के मनमुताबिक हुए तो वह अपने गुरु आडवाणी को राष्ट्रपति पद पर देखना चाहेंगे।
सोमनाथ से ही मोदी का नैशनल करियर शुरु हुआ था। दरअसल 1990 में आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा शुरू की थी और उस दौरान उन्होंने मोदी को अपने सारथी के रूप में प्रोजेक्ट किया था। इतना ही नहीं, मोदी को गुजरात का सीएम बनवाने में भी अडवाणी की अहम भूमिका रही थी। 2002 के गुजरात दंगों को लेकर मोदी से जब अटल बिहारी वाजपेयी नाराज हुए थे, तो उस वक्त भी अडवाणी ने मोदी का बचाव किया था। बता दें कि इसी साल जुलाई में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले है।
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